Sunday, 6 September 2020

इस वर्ष सितंबर में मनाया जा रहा है तीसरा राष्ट्रीय पोषण माह

तीसरा राष्ट्रीय पोषण माह इस वर्ष सितंबर के महीने में मनाया जा रहा है। व्यापक स्तर पर सभी के लिए पोषण सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री के पोषण अभियान के तहत पोषण माह हर साल मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2018 में हुई थी। महिला और बाल विकास मंत्रालय इस अभियान को चलाने वाली नोडल एजेंसी है।

मंत्रालय,  राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के साझेदार मंत्रालयों और विभागों के साथ मिलकर राष्ट्रीय,राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों, जिला और जमीनी स्तर पर पोषण माह मना रहा है। इसका उद्धेश्य जन भागिदारी को प्रोत्साहित करते हुए छोटे बच्चों और महिलाओं के बीच कुपोषण की समस्या को दूर करने और सभी के लिए स्वास्थ्य और पोषण सुनिश्चित करने के लिए एक जन आंदोलन चलाना है।

जीवन में पोषण के महत्व पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 30 अगस्त 2020 को अपने लोकप्रिय कार्यक्रम "मन की बात" के हाल के संस्करण में प्रकाश डाला था और बच्चों और छात्रों को अपनी ईष्टतम क्षमता प्राप्त करने में मदद करने में पोषण द्वारा निभाई गई भूमिका की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया था। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों के दौरान इस दिशा में विशेष रूप से उन गांवों में किए गए प्रयासों का उल्लेख किया जहां पोषण सप्ताह और पोषण माह में सार्वजनिक भागीदारी पोषण जागरूकता को एक जन आंदोलन का रूप दे रही है।

महिला एवं बाल विकास तथा कपड़ा मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी ने 27 अगस्त 2020 को एक अंतर-मंत्रालयी बैठक की अध्यक्षता की थी जिसमें महिला और बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री राम मोहन मिश्रा ने पोषण माह मनाए जाने के लिए परस्पर समन्वय बनाने पर चर्चा की थी। इस बार पोषण माह में गंभीर रूप से कुपोषित (एसएएम) बच्चों और उनके प्रबंधन तथा पोषक तत्वों से भरपूर पौधे लगाने के लिए पोशन वाटिकाएं बनाए जाने, बच्चों को जन्म लेने के शुरुआती 1 हजार दिनों के दौरान अच्छे पोषण के रूप में स्तनपान के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने तथा युवा महिलाओं और बच्चों आदि में खून की कमी को दूर करने के उपायों से जुड़ी गतिविधियों पर मुख्य रूप से ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।

अभियान से जुड़े सभी मंत्रालयों ने पोषण माह के उद्देश्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है और पोषण को अपने कार्यक्षेत्रों के माध्यम से ध्यान में लाने के लिए योजनाबद्ध गतिविधियों की योजना बनाई है। स्कूल शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों को छात्रों के बीच पोषण से जुड़ी ई प्रश्नोत्तरी और मेमे बनाने की प्रतियोगिता आयोजित करने के लिए कहा है। पंचायती राज मंत्रालय ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष समितियों की बैठकें आयोजित करने की योजना बना रहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्यों को “महात्मा गांधी नरेगा” के समर्थन से पोषण वाटिकाओं को बढ़ावा देने की सलाह दी है। आयुष मंत्रालय ने योग और समग्र पोषण को अपनाकर एक स्वस्थ जीवन शैली के निर्माण में सहयोग देने की पेशकश की है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय भी पोषण माह के दौरान सभी गतिविधियों के लिए अपनी ओर से हर संभव सहयोग दे रहा है।

देश में कोविड महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए महिला और बाल विकास मंत्रालय सभी संबधित पक्षों को पोषण माह मनाने के लिए डिजिटल प्लेटफार्मों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। जीवन में पोषण के महत्व के बारे में ज्ञान बढ़ाने तथा सूचनाओं का प्रसार करने के लिए सोशल मीडिया, ऑनलाइन गतिविधियों, पॉडकास्ट और ई-संवाद आदि का उपयोग किया जाएगा। मंत्रालय एक वेबिनार श्रृंखला की भी मेजबानी कर रहा है जिसमें विषय के विशेषज्ञ और स्वास्थ्य पेशेवर महिलाओं और बच्चों के लिए स्वास्थ्य और पोषण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डालेंगे।

सौजन्य: pib.gov.in

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