Monday, 7 September 2020

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने ‘जल जीवन मिशन’ के कार्यान्वयन के लिए सिक्किम के मुख्यमंत्री के साथ विचार-विमर्श किया

सिक्किम ने वर्ष 2022 तक 100% कवरेज की योजना बनाई है 

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सिक्किम के मुख्यमंत्री श्री प्रेम सिंह तमांग के साथ इस राज्य में ‘जल जीवन मिशन’ के कार्यान्वयन के संबंध में विचार-विमर्श किया। सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, अपर सचिव व मिशन निदेशक, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन और मंत्रालय के अन्य अधिकारीगण भी इस बैठक में शामिल हुए। सिक्किम की ओर से पीडब्ल्यूडी मंत्री, मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बैठक में भाग लिया।

केंद्र सरकार के प्रमुख कार्यक्रम ‘जल जीवन मिशन (जेजेएम)’ को राज्यों के साथ साझेदारी में कार्यान्वित किया जा रहा है जिसका उद्देश्‍य वर्ष 2024 तक देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल कनेक्शन प्रदान करना है। मिशन का उद्देश्य सार्वभौमिक कवरेज है यानी गांव के प्रत्येक परिवार को उसके अपने घर में ‘नल का जल कनेक्शन’ उपलब्‍ध कराना है। सिक्किम वर्ष 2022 तक 100% कवरेज की योजना बना रहा है, ताकि राज्य के प्रत्‍येक ग्रामीण घर में नल कनेक्शन प्रदान करने के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के साथ इस राज्य में मिशन की प्रगति पर विस्‍तारपूवक चर्चा की। व्‍यापक परिवर्तन लाने में सक्षम इस मिशन के महत्व पर विशेष जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने मौजूदा जल आपूर्ति योजनाओं के पुन:संयोजन और संवर्द्धन पर बल दिया। इस राज्य में सभी 411 गांवों में पाइप युक्त जलापूर्ति योजनाएं हैं, लेकिन 1.05 लाख घरों में से 70,525 (67%) घरों में नल कनेक्शन हैं। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री से इस कार्य को एक अभियान के रूप में चलाने का आग्रह किया, ताकि गरीबों और समाज के हाशिए पर पड़े तबकों के शेष परिवारों को जल्द से जल्द नल कनेक्शन मुहैया कराए जा सकें। 

श्री शेखावत ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु राज्य को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। जल जीवन मिशन के लिए भारत सरकार द्वारा धन उपलब्ध कराया जाता है जो उपलब्‍ध कराए गए नल कनेक्शनों के संदर्भ में हासिल आउटपुट और उपलब्ध केंद्रीय एवं समान राज्य हिस्सेदारी के उपयोग पर आधारित होता है।

सिक्किम ने वर्ष 2020-21 के दौरान 16,879 घरों में नल कनेक्शन देने की योजना बनाई है। वर्ष 2020-21 में राज्य को 31.36 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। राज्य भौतिक और वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर अतिरिक्त धनराशि पाने का पात्र है। ग्रामीण स्थानीय निकायों को 15वें वित्त आयोग के अनुदान के तहत सिक्किम को 42 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और इसके 50% का उपयोग जलापूर्ति एवं स्वच्छता के लिए किया जाना है। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री से ग्रामीण जलापूर्ति, धूसर जल के शोधन एवं पुन: उपयोग और सबसे महत्वपूर्ण जलापूर्ति योजनाओं का दीर्घकालिक संचालन एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए इस धनराशि के उपयोग की योजना बनाने का आग्रह किया।

केंद्रीय मंत्री ने ग्राम कार्ययोजनाएं तैयार करने के साथ-साथ ग्राम पंचायत की एक उप-समिति के रूप में ग्राम जल और स्वच्छता समिति/पानी समिति का गठन करने पर भी विशेष जोर दिया जिसमें न्यूनतम 50% महिला सदस्य हों और जो गांव के भीतर जलापूर्ति की अवसंरचना के नियोजन, डिजाइन, कार्यान्वयन और संचालन एवं रखरखाव के लिए जवाबदेह हो। सभी गांवों को ग्राम कार्य योजना (वीएपी) तैयार करनी होगी जिसमें पेयजल स्रोतों का विकास/संवर्द्धन, जल आपूर्ति, धूसर जल का प्रबंधन और संचालन व रखरखाव घटक अनिवार्य रूप से शामिल होंगे। जल जीवन मिशन को सही मायनों में एक जन आंदोलन बनाने के लिए आईईसी अभियान शुरू करने का आग्रह किया गया।

जल जीवन मिशन के तहत स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से जल की गुणवत्ता की निगरानी को प्राथमिकता दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल की गुणवत्ता का परीक्षण करने के लिए उपलब्ध कराई जा रही फील्ड टेस्ट किट का उपयोग करने के लिए हर गांव में 5 व्यक्तियों विशेषकर महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। हर स्रोत का हर साल एक बार भौतिक एवं रासायनिक मापदंडों के लिए और दो बार जीवाणुतत्व संबंधी संदूषण का पता लगाने के लिए परीक्षण करना होगा। इस राज्य को राज्य एवं जिला प्रयोगशालाओं को आधिकारिक मान्यता देने का कार्य पूरा करने और जनता के लिए इन्‍हें खोलने की भी सलाह दी गई, ताकि लोग आपूर्ति किए गए जल की गुणवत्ता का परीक्षण अत्‍यंत मामूली दर पर कर सकें। जल शक्ति मंत्री ने इस बात का उल्लेख किया कि जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत की गई पहलों पर अमल करके सिक्किम ‘उपयोगिता (यूटिलिटी)-उन्मुख ग्रामीण जल आपूर्ति अवधारणा’ में नेतृत्‍व प्रदान कर सकता है।

राज्य में विभिन्न चुनौतियों जैसे कि दुर्गम इलाकों, कम घनी आबादी, घटिया कनेक्टिविटी और कोविड-19 की मौजूदा महामारी का उल्‍लेख करते हुए सिक्किम के मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नियमित रूप से जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करेंगे। उन्होंने राज्य में जल जीवन मिशन के त्‍वरित कार्यान्वयन का आश्वासन दिया, जिससे कि ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू नल कनेक्शन प्रदान करने के लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सके।

सौजन्य से: pib.gov.in

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