Monday, 7 September 2020

पहले विश्व सौर प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन का बड़ा एजेंडा

नवीन और नवीनकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, विश्‍व बैंक और अंतर्राष्‍ट्रीय सौर संगठन के मध्‍य एक समझौते सहित चार भागीदारी समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए जाएंगे 

​​​​​​​सौर प्रौद्योगिकी पर अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका का शुभारंभ

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) द्वारा कल दोपहर (8 सितंबर, 2020, साढ़े चार बजे) पहला विश्व सौर प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन (डब्ल्यूएसटीएस) आयोजित किया जा रहा है। 149 देशों के 26000 से अधिक प्रतिभागियों ने इस वर्चुअल शिखर सम्‍मेलन में भाग समिट में शामिल होने के लिए पंजीकरण कराया है। इस सम्‍मेलन में सौर ऊर्जा में अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों की नवाचार स्थिति के बारे में प्रदर्शन और विचार-विमर्श के द्वारा सस्ती और टिकाऊ स्वच्छ हरित ऊर्जा के उत्‍पादन में तेजी लाने के बारे में प्रकाश डाले जाने की उम्मीद है।

आईएसए असेंबली के अध्यक्ष और भारत के ऊर्जा और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री आर.के. सिंह, आईएसए असेंबली की सह-अध्यक्ष और फ्रांस की पारिस्थितिकी पारगमन मंत्री सुश्री बारबरा पोम्पिली और अफ्रीका,एशिया प्रशांत तथा लैटिन अमेरिकन और कैरेबियाई क्षेत्र (एलएसी)के उपाध्‍यक्ष उद्घाटन संबोधन के दौरान शामिल होंगे। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के. विजय राघवन, उद्घाटन के दौरान उपस्थित रहेंगे और विचार-विमर्श के लिए संदर्भ निर्धारित करेंगे।

अनेक आईएसए सदस्य देशों के मंत्री उच्च-स्तरीय गणमान्य व्यक्ति, नेशनल फोकल पॉइंट्स और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधि, आईएसए भागीदार, व्यापार और उद्योग के दिग्‍गज, सौर परियोजना डेवलपर्स, सौर विनिर्माता, रिचर्स अनुसंधान और विकास संस्थानों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद और थिंक टैंक, सिविल सोसायटी, अंतर्राष्ट्रीय संगठन और डोनर्स, गैर-सरकारी और समुदाय-आधारित संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान, अंतर्राष्ट्रीय मीडिया, बहुपक्षीय और द्विपक्षीय एजेंसियों के प्रति‍निधि इस सम्‍मेलन में भाग लेंगे।

लिथियम आयन बैटरियों की क्रांतिकारी खोज करने के लिए वर्ष 2019 में रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कार के विजेता (जॉन बी गूडेनो और अकीरा योशिनो के साथ) डॉ. एम स्टेनली व्हिटिंगम, उद्घाटन के अवसर पर मुख्य भाषण देंगे। सोलर इम्पल्स फाउंडेशन, स्विट्जरलैंड के संस्थापक और अध्यक्ष श्री बर्नार्ड पिककार्ड उपस्थित जनों को संबोधित करेंगे। भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी उद्घाटन समारोह को संबोधित करेंगे।

आईएसए विधानसभा के अध्यक्ष श्री आर.के. सिंह और सह-अध्यक्ष सुश्री बारबरा पोम्पिली, अध्‍यक्षीय और सह-अध्‍यक्षीय भाषण देंगे और उच्‍चस्‍तरीय सत्र तथा चार तकनीकी सत्रों के लिए सीईओ के साथ मिलकर वार्ता निर्धारित करेंगे। यूरोपीय आयोग की ऊर्जा आयुक्त सुश्री कादरी सिम्पसन, जो यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष का प्रतिनिधित्व करते हुए शिखर सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण संदेश देंगी।

उद्घाटन सत्र तीन अनुबंधों के निष्‍कर्ष और घोषणा के साथ बड़े एजेंडे की शुरूआत का गवाह बनेगा। इनमें एक अनुबंध आईएस और इंटरनेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ रेफ्रिजरेशन और दूसरा ग्लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्टीट्यूट और तीसरा नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन के साथ होगा। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत, विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के बीच एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्‍ताक्षर किए जाएंगे। इस सम्‍मेलन के दौरान साउथ फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. धरेन्‍द्र योगी गोस्वामी द्वारा आईएसए की तकनीकी पत्रिका, सोलर कम्पास 360 भी लॉन्च की जाएगी।

उद्घाटन के बाद होने वाले वैश्विक सीईओ के सत्र में दुनिया के सबसे बड़े निगमों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श होगा। वह निगमों ने टिकाऊ ऊर्जा समाधानों के लिए अन्‍य नवीकरणीय और भंडारण के साथ सौर ऊर्जा एकीकरण को बढ़ाने की दिशा में महत्‍वपूर्ण योगदान दिया है। चार तकनीकी सत्रों में प्रसिद्ध शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं के साथ-साथ उद्योग जगत के दिग्‍गज, सौर पीवी प्रौद्योगिकी भविष्‍य की संभावनाओं तथा 2030 तक और उसके बाद सौर ऊर्जा के विजन के बारे में विचार-विमर्श आयोजित किए जाएंगे। इसी तरह सस्‍ती बिजली (डिकॉर्बोनाइज्‍ड ग्रिड की दिशा में) का पता लगाने के बारे में दिलचस्प सत्रों की योजना बनाई गई है। इस सत्र के बाद हानिकार सौर प्रौद्योगिकियों और बिजली क्षेत्र से हटकर सौर ऊर्जा के बारे में भी गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।

डब्‍ल्‍यूएसटीएस के समापन सत्र में अंतर्राष्‍ट्रीय नवीनकरणीय ऊर्जा एजेंसी (आईआरईएनए) और अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधि भी उपस्थि‍त होंगे। एशिया प्रशांत क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले श्री पाओसी मट्टेले टी. टोंगा के मंत्री भी हैं। वे और सूडान के मंत्री इंग खैरी अब्देलरमैन अहमद महत्‍वपूर्ण संबोधन देंगे। भारत के रेल और वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल मुख्य अतिथि और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री धर्मेन्द्र समापन भाषण करेंगे। इस सत्र में विदेश सचिव श्री राहुल छाबड़ा, विद्युत सचिव श्री एस.एन. सहाय, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा सचिव श्री इंदु शेखर चतुर्वेदी की गरिमामयी उपस्थिति रहेंगी। जी-7 और जी-20 में पीएम के शेरपा, श्री सुरेश प्रभु भी इस शिखर सम्मेलन में अपना संदेश भेजेंगे।

फिक्‍की आईएसए ग्लोबल लीडरशिप टास्क फोर्स का नवाचार संयोजक है, जो इस शिखर सम्‍मेलन को आयोजित करने के लिए आईएसए के साथ मिलकर काम कर रहा है।

इस सम्‍मेलन की पूरी कार्रवाई चार भाषाओं अंग्रेजी, स्पेनिश, फ्रेंच और अरबी में उपलब्ध रहेंगी। सारा कार्यक्रम आईएसए के यू-ट्यूब चैनल पर लाइवस्ट्रीम किया जाएगा। यह फिक्की यू ट्यूब चैनल पर भी उपलब्ध होगा।


Courtesy: pib.gov.in

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