Sunday, 30 August 2020

मन की बात में प्रधानमंत्री ने छात्रों और शिक्षकों को स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों की कहानियों को सामने लाने के लिए प्रेरित किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ के नवीनतम संबोधन में छात्रों और शिक्षकों को स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों की कहानियों को सबके सामने लाने के लिए प्रेरित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कोई भी व्यक्ति अपनी सफलताओं के बारे में सोचता है तो उसे हमेशा एक शिक्षक की याद आती है। उन्होंने कहा कि कोविड संकट ने शिक्षकों के सामने एक चुनौती पेश की है, लेकिन उन्होंने इस संकट को नए उपकरणों और प्रौद्योगिकी को अपनाकर मूल रूप से एक अवसर में तब्दील कर दिया है, जिसे उन्होंने छात्रों को भी हस्तांतरित किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि छात्रों तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लाभों को पहुंचाने की दिशा में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस बात को ध्यान में रखते हुए कि देश 2022 में अपनी स्वतंत्रता के 75वें वर्ष का जश्न मनाएगा, प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के छात्रों के लिए यह बहुत आवश्यक है कि वे हमारे स्वतंत्रता संग्राम के इन नायकों से भली-भांति परिचित रहें। उन्होंने कहा कि जब हमारे छात्रों को उनके स्थानीय परिवेश और आसपास के क्षेत्रों के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से अवगत कराया जाएगा, तब हमें छात्रों के व्यक्तित्व पर इसकी पुनरावृत्ति देखने को मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि छात्रों के लिए शोध का एक विषय यह हो सकता है कि वे इस बात का पता लगाएं कि जिस जिले में वे रहते हैं, वहां पर स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कोई घटना घटित हुईं थीं या नहीं। अपने शहर में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े किसी स्थान पर, छात्रों के भ्रमण की योजना बनाई जा सकती है। उन्होंने कहा, कुछ स्कूलों के छात्र हमारे स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों पर 75 कविताएं और नाट्य कहानियों को लिखने का भी संकल्प ले सकते हैं जिससे हमारी स्वतंत्रता के 75वें वर्ष को चिह्नित किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों से उन लाखों गुमनाम नायकों की कहानियां सबके सामने लायी जा सकेंगी जो देश के लिए जीते थे और देश के लिए मरते थे लेकिन गुमनामी के अंधेरे में चले गए हैं। देश में 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस मनाया जाएगा, प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से इसके लिए तैयारी शुरू करने और एक माहौल बनाने की दिशा में काम शुरू करने का आह्वान किया।

सौजन्य : pib.gov.in

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