Saturday, 15 August 2020

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 74वें स्‍वतंत्रता दिवस के भाषण में आत्‍मनिर्भर भारत के महत्‍व पर प्रकाश डाला

राष्‍ट्रीय बुनियादी ढांचा पाइपलाईन परियोजना देश को कोविड-19 के प्रभाव से बाहर निकालने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएगी: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री ने कहा, “मेक इन इंडिया” के साथ “मेक फॉर वर्ल्‍ड” होना चाहि


प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारत के 74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज लाल किले पर तिरंगा फहराया। लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी के प्रबंधन से लेकर, आत्‍मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के उपायों, मध्यम वर्ग पर ध्‍यान केन्द्रित करते हुए अर्थव्यवस्था में नई जान डालने के लिए उठाए गए कदमों जैसे विभिन्न मुद्दों की चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के महत्व को दोहराया और आवश्यकता पड़ने पर भारतीयों को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। 130 करोड़ से अधिक भारतीयों ने कोरोनावायरस महामारी के बीच ‘आत्मनिर्भर’ बनने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, “आत्मनिर्भर बनना अनिवार्य है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत इस सपने को साकार करेगा। मुझे भारतीयों की क्षमताओं, आत्मविश्वास और क्षमता पर भरोसा है। जब हम एक बार कुछ करने की ठान लेते हैं, हम तब तक आराम नहीं करते, जब तक कि हम उस लक्ष्य को हासिल नहीं कर लेते।”

लाल किले की प्राचीर से, प्रधानमंत्री ने 74वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए बुनियादी ढांचा क्षेत्र को एक बड़ा धक्का देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआईपी) परियोजना की मदद से तेजी से विकास के लिए समग्र बुनियादी ढांचे में सुधार पर प्राथमिकता दे रही है और घोषणा की कि एनआईपी में 110 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में 7,000 से अधिक परियोजनाओं की पहचान की गई है। नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन परियोजना देश को कोविड-19 के प्रभाव से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एनआईपी एक ऐसी परियोजना है जो भारत के बुनियादी ढांचा सृजन प्रयासों में क्रांति लाएगी। कई नई नौकरियों का सृजन होगा, हमारे किसानों, युवाओं, उद्यमियों को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि अब मेक इन इंडिया के साथ-साथ हमें मेक फॉर वर्ल्ड के मंत्र के साथ भी आगे बढ़ना होगा।

अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया भारत में किए जा रहे सुधारों को देख रही है। परिणामस्वरूप, एफडीआई प्रवाह ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भारत में कोविड महामारी के दौरान भी एफडीआई में 18% की वृद्धि देखी गई।

कौन सोच सकता था कि देश के गरीबों के जन-धन खातों में लाखों-करोड़ों रुपये सीधे हस्तांतरित किए जाएंगे? किसानों के लाभ के लिए एपीएमसी अधिनियम में इतना बड़ा बदलाव किसने सोचा होगा? प्रधानमंत्री ने कहा कि वन नेशन-वन राशन कार्ड, वन नेशन - वन टैक्स, इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड और बैंकों का विलय आज देश की वास्तविकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 7 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए गए, 80 करोड़ से अधिक लोगों को राशन कार्ड के साथ या उसके बिना मुफ्त भोजन दिया गया, लगभग 90 हजार करोड़ रुपये सीधे बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए। गरीब कल्याण रोज़गार अभियान भी गरीबों को उनके गांवों में रोजगार देने के लिए शुरू किया गया है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, यह भी पहली बार है जब घर के लिए होम लोन की ईएमआई भुगतान अवधि के दौरान 6 लाख रुपये तक की छूट दी जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साल ही, हजारों अधूरे मकानों को पूरा करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का एक कोष स्थापित किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 40 करोड़ जन धन खाते खोले गए जिनमें से लगभग 22 करोड़ खाते केवल महिलाओं के हैं। कोरोना के समय, तीन महीनों- अप्रैल-मई-जून में लगभग तीस हजार करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में सीधे हस्तांतरित किए गए। कोरोना के समय में, हमने देखा है कि डिजिटल इंडिया अभियान की क्या भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि पिछले महीने ही भीम यूपीआई से लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है।

सौजन्य से: pib.gov.in

No comments:

Extension of Emergency Credit Line Guarantee Scheme through ECLGS 2.0 for the 26 sectors identified by the Kamath Committee and the healthcare sector

Extension of the duration of Emergency Credit Line Guarantee Scheme (ECLGS) 1.0 The Government has extended Emergency Credit Line Guarantee ...