6 महीने का कार्यक्रम 17 अगस्त 2020 से शुरू
भारत का एकमात्र विमानन विश्वविद्यालय राजीव गांधी
राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय (आरजीएनएयू), अमेठी, उत्तर प्रदेश ने अग्निशमन में अपने व्यावसायिक
पाठ्यक्रम- मौलिक अग्निशामक पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया
शुरू करने की घोषणा की है। इच्छुक छात्रों को इस पाठ्यक्रम में
नामांकन के लिए gmraa.contact@gmrgroup.in
पर मेल करना
होगा।
राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय के
कार्यवाहक कुलपति श्री अंबर दुबे ने कहा कि अग्निशामक विमानन
क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि देश भर में हवाई
अड्डों के विस्तार के साथ ही प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग में वृद्धि होगी।
इस पाठ्यक्रम के माध्यम से हम इस क्षेत्र में भविष्य की मांग को
पूरा करने के लिए कुशल पेशेवर तैयार कर रहे हैं।
मौलिक अग्निशामक पाठ्यक्रम उन
उम्मीदवारों के लिए 6 महीने का सर्टिफिकेट प्रोग्राम है, जो अग्निशामक के रूप में अपना
करियर बनाना चाहते हैं। यह पाठ्यक्रम जीएमआर एविएशन अकादमी के सहयोग से चलाया जाता
है।
यह पाठ्यक्रम पूरी तरह से वातानुकूलित कक्षाओं, पुस्तकालय और छात्रावासों से
सुसज्जित एक विश्व स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया जाता है। पाठ्यक्रम के
दौरान, छात्रों को वास्तविक जीवन का अनुभव देने के लिए एक सक्रिय
रनवे पर विशेषज्ञों द्वारा लाइव फायर प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
वास्तविक कार्य परिस्थितियों का सीधा अनुभव कराने के लिए पायलट
कैडेटों और हवाई अड्डे के संचालन विशेषज्ञों के साथ संवाद भी
आयोजित किया जाता है। विश्वविद्यालय प्रमुख हवाई अड्डा संचालकों के साथ
कैंपस प्लेसमेंट का अवसर भी प्रदान करता है।
पात्रता : 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी महिला
या पुरूष जो शारीरिक और चिकित्सकीय रूप से फिट हो और 10 + 2 परीक्षा पास
हो, इस नामांकन
प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकता है। महिला उम्मीदवार की ऊंचाई 157 सेमी और उससे अधिक जबकि पुरुष उम्मीदवार की ऊंचाई 165 सेमी और उससे अधिक होनी चाहिए। उम्मीदवारों के पास
एलएमवी / एचएमवी
ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए और उन्हें अंग्रेजी की अच्छी जानकारी होनी चाहिए।
वर्तमान पाठ्यक्रम 17 अगस्त 2020 से शुरू
होकर 14 फरवरी 2021 तक चलेगा।
राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय के बारे
में
राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय
(आरजीएनएयू) भारत का पहला और एकमात्र विमानन विश्वविद्यालय है जिसकी
स्थापना उत्तर प्रदेश के अमेठी में राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन
विश्वविद्यालय अधिनियम, 2013 के तहत की गई। आरजीएनएयू का उद्देश्य विमानन उद्योग के
सभी उप-क्षेत्रों के संचालन और प्रबंधन में उत्कृष्टता प्राप्त करने के
लिए उद्योग के साथ संयोजन के रूप में विमानन अध्ययन, शिक्षण, प्रशिक्षण, अनुसंधान को सुविधा
और बढ़ावा देना है। भारतीय विमानन उद्योग के भीतर कौशल की कमी को दूर करने के लिए विश्वविद्यालय वर्तमान में तीन
पाठ्यक्रम- एक पूर्व स्नातक (अंडर ग्रेजुएट) पाठ्यक्रम, एक परा स्नातक कार्यक्रम, और एक अग्निशमन
में मौलिक सर्टिफिकेट कोर्स चला रहा है। विश्वविद्यालय पहले से ही अपने
व्यवसायों में लगे पेशेवरों के लिए मध्य स्तर और वरिष्ठ स्तर पर अद्यतन ज्ञान प्रदान करने के लिए कई ईडीपी/एमडीपी
आयोजित करता है। विश्वविद्यालय के बारे में और अधिक जानकारी के लिए www.rgnau.ac.in पर संपर्क
किया जा सकता है।
साभार: pib.gov.in
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