Friday, 17 July 2020

एनआरडीसी ने एस.एन. बोस नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साइंसेज द्वारा विकसित दो कोविड-19 प्रौद्योगिकियों का अंतरण किया

भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग के तहत एक उद्यम नेशनल रिसर्च डिवेलपमेंट कारपोरेशन (एनआरडीसी) ने भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत आने वाले स्वायत्त अनुसंधान संस्थान एसएन बोस नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साइंसेज (एसएनबीबीएस), कोलकाता द्वारा विकसित दो कोविड-19के नियंत्रण की प्रौद्योगिकियों के अंतरण हेतु मेसर्स पॉलमेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता के साथ एक करार किया है।

एसएनबीएनसीबीएस द्वारा विकसित और एनआरडीसी द्वारा अंतरित दो प्रौद्योगिकियां हैं:

1. आरामदायक और स्वच्छ श्वास हेतु संलग्न सांस लेने वाले वाल्व और निलंबित पार्टिकुलेट मैटर फ़िल्टर के साथ एक सक्रिय श्वसन यंत्रऔर

2. एक डिस्पेंसिंग एंटीमाइक्रोबियल लेयर के साथ लंबे समय तक चलने वाले नैनो-सैनिटाइजर। 

कार्बन डाइऑक्साइड की पुनरावृत्ति, नमी को बाहर निकालने और मास्क के अंदर पसीने से तर और गर्म वातावरण के लिए सक्रिय श्वसन मास्क एक अभिनव समाधान है। इससे चेहरे पर मास्क लगे होने पर भी बोलने में स्पष्टता की प्रतीती होती है और हवाई प्रदूषकों के संपर्क से बचाव हेतु सांस लेने में स्वच्छऔर आरामदायक हैं।

लंबे समय तक चलने वाले नैनो-सैनिटाइजर का नवाचार सामान्य सैनिटाइजर के उपयोग के कारण होने वाली समस्याओं जैसे कि लगातार उपयोग के कारण त्वचा का निर्जलीकरणऔर सुरक्षात्मक भूमिका के बिना आम सैनिटाइजर्स की तात्कालिक रोगाणुरोधी कार्रवाई की प्रकृतिका समाधान है । नवाचारी सैनिटाइजर की यह प्रौद्योगिकी लंबी अवधि के लिए आरामदायक और हाथों की स्वच्छता को सुनिश्चित करती है।

इस समझौता करार पर एनआरडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ एच पुरुषोत्तम और मेसर्स पॉलमेच इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक श्री शांति रंजन पॉल ने भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा और एसएन बोस नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साइंसेज के निदेशक डॉ समित कुमार रे, वैज्ञानिक प्रोफेसर समीर कुमार पाल, रजिस्ट्रार एमएस शोहिनी मजूमदार, तकनीकी अनुसंधान केंद्र (टीआरसी) के नोडल अधिकारी डॉ.सोमेन मंडल और एनआरडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों की आन लाइन उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।

इन नवाचारी उत्पादोंके इस्तेमाल से यूजर्स को मार्केट में उपलब्ध मास्क और सैनिटाइजर्स के साथ मौजूदा समस्याओं पर काबू पाने में मदद मिलेगी। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो आशुतोष शर्मा ने समाज को लाभ पहुंचाने हेतु विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की इस सफलता के लिए सभी हितधारकों को बधाई दी।

सौजन्य से: pib.gov.in

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