Tuesday, 9 June 2020

जनजातियों के लिए आय सृजन की गतिविधियों में तेजी, राज्यों द्वारा संशोधित एमएसपी पर लघु वनोपज (एमएफपी) की खरीद जारी

कोविड -19 महामारी के बाद गरीबों और वंचित लोगों की मदद के लिए सरकार की ओर से प्रयास जारी हैं।राज्यों की तरफ से भी उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है।

जनजातीय कार्य मंत्रालय के तत्वावधान में ट्राइफेड ने जनजातीय लोगों के संदर्भ में, राज्य सरकारों को तत्काल आय सृजन सुनिश्चित करने के लिए तथा वन धन मूल्य संवर्धन गतिविधियों के जरिये आजीविका को समर्थन देने के लिए, अनुच्छेद 275 (I) अनुदान के तहत प्राप्त धनराशि का उपयोग करलघु वनोपजसे सम्बंधित एमएसपी के प्रभावी कार्यान्वयन की योजना बनाने की सलाह दी है।

इस परामर्श पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। योजना के तहत 17 राज्यों ने लगभग 50 करोड़ रुपये के एमएफपी की खरीद की है।इन प्रयासों के कारण, 7 राज्यों में निजी एजेंसियों ने एमएसपी से ऊपर की कीमतों पर लगभग 400 करोड़ रुपये के मूल्य के एमएफपी की खरीद की है ।

जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा किये गए एमएसपी उपायों,एमएसपी में संशोधन की घोषणा और ट्राइफेड के ठोस प्रयासों के परिणामस्वरूप जनजातियों को बाजार में ऊँची कीमतें मिली हैं, जो एमएसपी से अधिक हैं।

इसके अलावा, 6 राज्यों ने योजना के तहत एमएफपी की खरीद के लिए वीडीवीके को धनराशि हस्तांतरित की है और इस चैनल के माध्यम से 4.03 करोड़ रुपये की खरीद की गयी है। 7 राज्यों ने कोविड राहत के लिए अनुच्छेद 275 (I) के तहत राज्य योजनाओं की तैयारी शुरू कर दी है और जल्द ही अनुदान की मंजूरी के लिए मंत्रालय को अपनी योजनाएं सौंपेंगे।

जनजातीय कार्य मंत्रालय ने इस क्षेत्र में मदद के लिए कुछ उपायों की घोषणा की थी क्योंकि जनजातियों की अधिकांश आय लघु वनोपज आधारित गतिविधियों से होती है।अप्रैल-जून के महीने लघु वनोपज गतिविधियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। मंत्रालय ने पहले हीयोजना के दिशानिर्देशों को मंजूरी दे दी है। इनमे शामिल हैं - न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के माध्यम से लघु वनोपज (एमएफपी)के विपणन के लिए तंत्र ; एमएफपीके लिए मूल्य श्रृंखला ताकि संग्राहकों को एमएसपी प्राप्त हो तथा जनजातीय समूहों और क्लस्टर के माध्यम सेलघु वनोपज का मूल्य संवर्धन एवं विपणन।

सरकार ने 1 मई, 2020 को, 50लघु वनोपजके लिए एमएसपीकी संशोधित मूल्य सूची जारी की- और अधिकांश एमएफपीके मूल्यों में 30-90% तक की वृद्धि की गयी है ताकि इससे जनजातीय संग्राहकों को लाभ मिले। इसके अतिरिक्त, इस योजना में 23 अन्य वस्तुओं को एमएफपी के तहत शामिल किया गया है। इनमें जनजातीयलोगों द्वारा पूर्वोत्तर राज्यों में संग्रह किए जाने वाले कृषि और बागवानी उत्पाद शामिल हैं।

लघु वनोपज (एमएफपी) योजना के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तहत 73 उत्पादों को शामिल किया गया है। इससे सभी राज्यों में लघु वनोपज की खरीद में तेजी आने की उम्मीद है। ट्राईफेड के प्रयासों के सन्दर्भ में राज्य सरकारों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उम्मीद है कि इससे संकटग्रस्त जनजातीय लोगों की स्थिति में सुधार होगा।
 
सौजन्य से: pib.gov.in



No comments:

Extension of Emergency Credit Line Guarantee Scheme through ECLGS 2.0 for the 26 sectors identified by the Kamath Committee and the healthcare sector

Extension of the duration of Emergency Credit Line Guarantee Scheme (ECLGS) 1.0 The Government has extended Emergency Credit Line Guarantee ...