16जल विमान परियोजनाएं जल्द पूरी होंगी
जहाजरानी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)श्री मनसुख मंडावियाने 'चाय पे चर्चा'बैठक में आज भारतीय जल क्षेत्र में जल विमान परियोजनाओं की समीक्षा की। भारतीय समुद्री क्षेत्र में परिवर्तन लाने के बारे में मंत्रालय के अधिकारियों के लिए विचार-विमर्श करने का यह एक अनूठा और नवीन मंचहै।
जल विमान परियोजनाएं देश के लंबे, जोखिम भरे और पहाड़ी क्षेत्रों में तेजी से और अबाधित यात्रा का विकल्प प्रदान करेंगी। अब तक उड़ान (यूडीएएन) योजना के क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मार्गों के तहत 16 जल विमान मार्गों को चिह्नित किया गया है। इन 16 जल विमान मार्गों में साबरमती और सरदार सरोवर- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी मार्ग भी शामिल हैं और इस मार्ग का हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण पूरा हो चुका है।
श्री मंडाविया ने कहा कि साबरमती और नर्मदा नदी-स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जल विमान मार्ग से समय की बचत होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा,क्योंकि इससे गुजरने पर नर्मदा घाटी और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का विहंगम दृश्य भी देखने को मिलेगा। श्री मंडाविया ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अमेरिका,कनाडा, मालदीव और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के वाटरड्रोम के बुनियादी ढांचे के गहन अध्ययन के बाद इंडियन मॉडल ऑफ वॉटरड्रोम (टर्मिनल) पेश करेंजो कि जल विमान के संचालन के लिए भारतीय नियमों और विनियमों के अनुकूल हैं।
श्री मनसुख मंडावियाने विस्तृत विचार-विमर्श के बादसागरमाला विकास कंपनी लिमिटेड (एसडीसीएल)और भारतीय अंतर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई)को अक्टूबर, 2020 तक साबरमती और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी मार्ग पर जल विमान का संचालन शुरू करने के लिए आपस में सहयोग करने का निर्देश दिया। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से आईडब्ल्यूएआई द्वारा जल विमान मार्गों का बाथीमीट्रिक और हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण सितंबर,2020 तक किया जाना है।
भारतीय अंतर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई)अंतर्देशीय जलमार्ग में जल विमान की परियोजना का प्रबंधन करेगा और सागरमाला विकास कंपनी लिमिटेड (एसडीसीएल)तटीय क्षेत्रों में जल विमान की परियोजनाओं का प्रबंधन करेगा। आईडब्ल्यूएआई और एसडीसीएल शिपिंग मंत्रालय,उड़ान ऑपरेटरों और पर्यटन मंत्रालय के साथ-साथ नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए)के साथ समन्वय करेंगे।
सौजन्य से: pib.gov.in
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