Monday, 22 June 2020

मध्यप्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों तथा उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में 23 जून तक दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने लिए अनुकूल स्थिति


और 24 एवं 25 जून के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के अधिकांश हिस्सों में

अगले 5 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत में और अगले 2-3 दिनों के दौरान पूर्व एवं उससे सटे मध्य भारत में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना

23 जून और उसके बाद से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली, उत्तर प्रदेश तथा पूर्वी राजस्थान में वर्षा की भारी से बहुत भारी गतिविधि के कारण भारी बारिश होने की संभावना


भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र / क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली के अनुसार :

♦ मानसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) कांडला, अहमदाबाद, इंदौर, रायसेन, खजुराहो, फतेहपुर एवं बहराइच से होकर गुजरती है।

♦ मध्य-क्षोभमंडल स्तर तक फैला एक चक्रवाती परिसंचरण उत्तरी ओडिशा के अंदरूनी भागों एवं आसपास के इलाकों के ऊपर स्थित है।

♦ एक द्रोणिका(ट्रफ) उत्तर पंजाब से उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक निचले ट्रोफोस्फेरिक स्तरों में चलती है और अगले 3 दिनों के दौरान इसकेदक्षिण की ओर खिसकने होने की संभावना है। इसके परिणामस्वरूप, इसी अवधि के दौरानउत्तर भारत मेंपूरब से चलने वाली हवा के मजबूत होने और बंगाल की खाड़ी से निकलने वाली उच्च नमी रहने की बहुत संभावना है।

♦ उपरोक्त परिदृश्य के तहत:
मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों तथा उत्तराखंड के कुछ इलाकों में 23 जून के आसपास; पूरे पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली, पंजाब के अधिकांश हिस्सों, अरब सागरके शेष भागों, गुजरात राज्य, मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के कुछ हिस्सों में 24 और 25 जून के दौरानदक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं।
अगले 5 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत में और अगले 2-3 दिनों के दौरान पूर्व एवं आसपास के मध्य भारत में भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है।
23 जून और उसके बाद से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली, उत्तर प्रदेश तथा पूर्वी राजस्थान में वर्षा की भारी से बहुत भारी गतिविधि के कारण भारी बरसात होने की संभावना

साभार: pib.gov.in

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