Wednesday, 13 May 2020

मोदी सरकार अपने कर्मचारियों के कल्‍याण के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी शिकायतों का निवारण विवेकपूर्ण ढंग से किया जा रहा है : डॉ. जितेन्द्र सिंह

कोविड महामारी के दौरान विलक्षण और अपने किस्‍म का पहला कदम उठाते हुए केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आज इंटरैक्टिव वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के माध्‍यम से तीनों विभागों- डीओपीटी, डीएआरपीजी और डीओपीपीडब्‍ल्‍यू के अनुभाग अधिकारी स्‍तर तक के समस्‍त अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बातचीत की।

बातचीत की शुरुआत करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि मोदी सरकार अपने कर्मचारियों के कल्‍याण के लिए प्रतिबद्ध है और उसने सदैवउनकी भलाई के लिए बेहद संवेदनशीलता के साथ चिंता दर्शायी है। उन्‍होंने कहा कि कोविड संकट के दौरान, कार्यालयों में केवल 33 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति के साथघर से कार्य करने की अत्‍यंत स्‍वस्‍थ प्रणाली का अनुसरण किया जा रहा है और यह कार्य के अनुकूल वातावरण का बहुत बड़ा प्रमाण है। डॉ. सिंह ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारी अपने कर्मचारियों को जोखिम में डाले बगैर सामने आकर नेतृत्‍व कर रहे हैं। उन्‍होंने इस बात पर संतोष प्रकट किया कि विभागों की आउटपुट में वृद्धि हुई है और कार्य संस्‍कृति को कहीं नुकसान नहीं पहुंचा।

डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कर्मचारियों और अधिकारियों को आश्‍वासन दिया कि लॉकडाउन समाप्‍त होते ही उनकी पदोन्‍नतियों सहित समस्‍त शिकायतों का ध्‍यान रखा जाएगा। तथापि उन्‍होंने कहा कि 400 से ज्‍यादा पदोन्‍नतियों के आदेश इस साल जनवरी में पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि कार्य के इसनए सामान्‍य वातावरण में इस प्रकार की कॉन्‍फ्रेंस के आयोजन का उद्देश्‍य कर्मचारियों और उनके परिवारों का कुशलक्षेम जानना और यदि उनकी कोई शिकायत हो, तो उसका अत्‍यंत संवेदनशीलता के साथ निवारण करना था। उन्‍होंने कहा कि कार्मिक मंत्रालय ने अन्‍य मंत्रालयों के कामकाज के लिए नियम निर्धारित किए हैं। उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त की कि अन्‍य मंत्रालय भी इसी तरह की कॉन्‍फ्रेंस आयोजित करने की प्रेरणा ग्रहण करेंगे।

इस बैठक में डीएआरपीजी सचिव डॉ. छत्रपति शिवाजी, डीओपीटी सचिव डॉ. सी चंद्रमौली और अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भाग लिया। 
 
सौजन्य से: pib.gov.in



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