Monday, 18 May 2020

'5.09% जीएस 2022' की बिक्री (पुनर्निर्गम) के लिए नीलामी, '5.79% जीएस 2030' की बिक्री (पुनर्निर्गम) के लिए नीलामी, ‘भारत सरकार के फ्लोटिंग रेट बॉन्‍ड 2031’ की बिक्री (पुनर्निर्गम) के लिए नीलामी, और '7.19% जीएस 2060' की बिक्री (पुनर्निर्गम) के लिए नीलामी

भारत सरकार ने (i) मूल्‍य आधारित नीलामी के जरिए 3,000 करोड़ रुपये (अंकित) की अधिसूचित राशि के लिए ' 5.09 प्रतिशत सरकारी स्टॉक, 2022’ (ii) मूल्‍य आधारित नीलामी के जरिए 18,000 करोड़ रुपये (अंकित) की अधिसूचित राशि के लिए ' 5.79 प्रतिशत सरकारी स्टॉक, 2030’ (iii) मूल्‍य आधारित नीलामी के जरिए 4,000 करोड़ रुपये (अंकित) की अधिसूचित राशि के लिए ' भारत सरकार के फ्लोटिंग रेट बॉन्‍ड, 2031’, और (iv) मूल्य आधारित नीलामी के जरिए 5,000 करोड़ रुपये (अंकित) की अधिसूचित राशि के लिए '7.19 प्रतिशत सरकारी स्टॉक, 2060’ की बिक्री (निर्गम/पुनर्निर्गम) करने की घोषणा की है। भारत सरकार के पास उपर्युक्‍त प्रतिभूतियों में से किसी एक या उससे अधिक प्रतिभूतियों के सापेक्ष 2000-2000 करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त अभिदान को बनाए रखने का विकल्प होगा। ये नीलामियां विविध मूल्य विधि का उपयोग करते हुए संचालित की जाएंगी। ये नीलामियां भारतीय रिजर्व बैंक, मुम्बई कार्यालय, फोर्ट, मुम्बई द्वारा 22 मई, 2020 (शुक्रवार) को संचालित की जाएंगी। 

स्टॉकों की बिक्री की अधिसूचित राशि के 5 प्रतिशत तक की राशि सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी में अप्रतिस्पर्धी बोली सुविधा योजना के अनुसार पात्र व्यक्तियों और संस्थाओं को आवंटित की जाएगी।

नीलामी हेतु प्रतिस्पर्धी और अप्रतिस्पर्धी दोनों बोलियां भारतीय रिजर्व बैंक की कोर बैंकिंग सोल्यूशन (ई-कुबेर) प्रणाली पर इलेक्ट्रॉनिक प्रपत्र में 22 मई, 2020 को प्रस्तुत की जानी चाहिए। अप्रतिस्पर्धी बोलियां पूर्वाह्न 10.30 बजे से पूर्वाह्न 11.00 बजे के बीच और प्रतिस्पर्धी बोलियां पूर्वाह्न 10.30 बजे से पूर्वाह्न 11.30 बजे के बीच प्रस्तुत की जानी चाहिए।

नीलामियों के परिणाम की घोषणा 22 मई, 2020 (शुक्रवार) को की जाएगी और सफल बोलीदाताओें द्वारा भुगतान 26 मई, 2020 (मंगलवार) को किया जाएगा।

ये स्टॉक भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर यथा संशोधित परिपत्र संख्‍या आरबीआई /2018-19/25, दिनांक 24 जुलाई 2018, के तहत जारी “केन्द्र सरकार की प्रतिभूतियों में कब निर्गमित लेन-देन” संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार “कब निर्गमित” कारोबार के लिए पात्र होंगे।

सौजन्य से: pib.gov.in

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