Saturday, 11 April 2020

ईपीएफओ ने पीएम गरीब कल्याण योजना के अनुरूप अभिदाताओं के ईपीएफ एवं ईपीएस खाताओं को क्रेडिट करने के लिए आनलाइन तंत्र लागू किया

लगभग 79 लाख अभिदाताओं एवं लगभग 3.8 लाख प्रतिष्ठानों को लाभ पहुंचेगा

तीन महीनों के लिए 4800 करोड़ रुपये के सब्सिडी व्यय का अनुमान

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत एक सांविधिक निकाय, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने कोरोना महामारी से लड़ने में गरीबों की सहायता करने के लिए 26.03.2020 को पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा घोषित पैकेज के अनुरूप अपने अभिदाताओं के ईपीएफ एवं ईपीएस खाताओं को क्रेडिट करने के लिए एक इलेक्ट्रोनिक तंत्र लागू किया है।

तदनुसार, सरकार द्वारा घोषित राहत का लाभ पात्र संगठनों/ प्रतिष्ठानों द्वारा इलेक्ट्रोनिक चालान सह रिटर्न (ईसीआर) फाइल करने के जरिये प्राप्त किया जा सकता है। ईपीएफ एवं ईपीएस (24 प्रतिशत वेतन) के कारण ईसीआर में परिलक्षित नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों की तरफ से नियत राशि केंद्रीय सरकार द्वारा 15,000 रुपये से कम कमाने वाले अंशदायी ईपीएफ सदस्यों, जो पहले से ही 100 कर्मचारियों को रोजगार देने वाले, जिसमें से 90 प्रतिशत या इससे अधिक की मासिक आय 15,000 रुपये से कम है, ईपीएफ कवर्ड प्रतिष्ठानों/फैक्टरियों के यूएएन में तीन महीनों के लिए क्रेडिट कर दिया जाएगा। लगभग 79 लाख अभिदाताओं एवं लगभग 3.8 लाख प्रतिष्ठानों को इस पैकेज से लाभ पहुंचने की उम्मीद है। इससे तीन महीनों के लिए 4800 करोड़ रुपये के सब्सिडी व्यय का अनुमान है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सरकार ने कोरोना वायरस से लड़ने में निर्धनों की सहायता के लिए 26.03.2020 को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) आरंभ की थी। पीएमजीकेवाई पैकेज का उद्वेश्य निम्न आय अर्जित करने वाले ईपीएफ सदस्यों के रोजगार में आने वाली बाधाओं की रोकथाम करना एवं ईपीएफ के तहत कवर होने वाले योग्य प्रतिष्ठानों की सहायता करना है।

उपरोक्त पैकेज को कार्यान्वित करने के लिए, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने बाद में उद्वेश्य, योग्यता मानदंड, वैधता अवधि, प्रक्रिया एवं राहल प्राप्त करने का तरीका विनिर्दिष्ट करते हुए स्कीम अधिसूचित कर दी।

इलेक्ट्रोनिक चालान सह रिटर्न (ईसीआर) फाइलिंग प्रतिष्ठानों को उनके पात्र कर्मचारियों के संबंध में राहत का लाभ उठाने में सक्षम बनायेंगे।

किसी योग्य प्रतिष्ठान के संबंध में नियोक्ता प्रतिष्ठान के सभी कर्मचारियों को महीने के लिए वेतन संवितरित करेगा और वांछनीय प्रमाणपत्र एवं स्कीम के तहत लाभ उठाने के घोषणापत्र के साथ इलेक्ट्रोनिक चालान सह रिटर्न (ईसीआर) फाइल करेगा।

ईसीआर के अपलोड हो जाने तथा प्रतिष्ठान एवं कर्मचारियों की पात्रता सत्यापित हो जाने के बाद चालान अलग से योग्य कर्मचारियों के संबंध में केंद्रीय सरकार की राहत के रूप में नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों के बकाया योगदान एवं नियोक्ता द्वारा भुगतान किए जाने वाली शेष राशि प्रदर्शित करेगा।

जैसाकि चालान में परिलक्षित है, नियोक्ता द्वारा अन्य कर्मचारियों के लिए उससे बकाया भुगतान कर दिए जाने के बाद, ईपीएफ एवं ईपीएस योगदान केंद्र सरकार द्वारा प्रतिष्ठान के योग्य कर्मचारियों के सीधे यूएएन में क्रेडिट कर दिया जाएगा।

स्कीम के विवरण एवं पैकेज के विभिन्न पहलुओं पर स्पष्टीकरण सन्निहित एफएक्यू टैब ‘कोविड-19‘ के तहत ईपीएफओ वेबसाइट के होमपेज पर उपलब्ध है।

सौजन्य से: pib.gov.in

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