Tuesday, 21 April 2020

डॉ. जितेंद्र सिंह ने सिविल सेवा दिवस के मौके पर भारत की कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सिविल सेवकों द्वारा दी जा रही सामान्य सेवाओं की सराहना की

केन्द्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सिविल सेवा दिवस, 2020 के उपलक्ष्य में आज यहां 25 राज्यों और 5 संघ शासित क्षेत्रों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर परस्पर संवादात्मक वीडियो कॉलिंग के माध्यम से कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत के सिविल सेवकों द्वारा दी गई सामान्य सेवाओं की सराहना की। उन्होंने इस अवसर पर करुणा प्लेटफॉर्म जैसे सफल उदाहरण का उल्लेख किया, जिससे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सहायता करने के प्रयास में 29 सेवा संगठनों को साथ लाना संभव हुआ। डॉ. सिंह ने व्यापक अंतर-सेवा सौहार्द का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री केयर्स फंड में एक दिन के वेतन की पेशकश के द्वारा सरकार के कोविड-19 राहत कार्यों में समर्थन देने के लिए सिविल सेवकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में जिलाधिकारियों द्वारा नेतृत्व किया जा रहा है और महामारी से रोकथाम में भारत की संभावनाएं सिविल सेवकों के मजबूत कंधों पर टिकी हुई हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि “न्यूनतम सरकार, अधिकतम प्रशासन” मोदी सरकार का आदर्श वाक्य रहा है। पिछले 6 वर्षों में राष्ट्र सरकारी संस्थानों के पुनर्गठन और उन्हें उचित आकार देने में अहम सिविल सेवा सुधारों, संयुक्त सचिव स्तर पर देर से प्रवेश (लेटरल एंट्री) जैसे नियुक्ति सुधारों, ई-सेवाओं की उपलब्धता पर जोर के साथ सार्वजनिक सेवाओं की बेहतर डिलिवरी के साथ ही नागरिकों को केन्द्र में रखते हुए की गई कई पहलों का भी गवाह बना है।

2019 में सुशासन सूचकांक और राष्ट्रीय ई-सेवा डिलिवरी मूल्यांकन के प्रकाशन से भारत के अपनी सिविल सेवाओं को वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं के अनुरूप बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का पता चलता है। भारत के प्रशासनिक मॉडल को प्रतिभा और संवैधानिक मूल्यों को प्रोत्साहन दिए जाने के रूप में व्यापक स्तर पर मान्यता मिली है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सितंबर, 2019 से सार्वजनिक शिकायत समाधान प्रणाली में व्यापक सुधार किया जा रहा है और इससे शिकायत समाधान में सुधार हुआ है तथा शिकायतों के निस्तारण की समयसीमा में कमी आई है। इस संबंध में उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि 1 अप्रैल से अभी तक पिछले 20 दिन में नेशनल मॉनिटर फॉर कोविड-19 पब्लिक ग्रीवांसेस (https://www.darpg.gov.in)पर मिलीं कोविड-19 से संबंधित 25,000 शिकायतों का समाधान किया गया है, जिनका औसत निस्तारण समय 1.57 दिन/शिकायत रहा है।

सिविल सेवा दिवस 21 अप्रैल, 2020 को मनाया जाना था, लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते जारी देशव्यापी लॉकडाउन के कारण इसे टाल दिया गया है। सार्वजनिक प्रशासन 2019 और 2020 में उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार अब 31 अक्टूबर, 2020 को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जंयती के अवसर पर प्रस्तुत किए जाएंगे।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस बात पर भी संतुष्टि जाहिर की कि अभी तक कोविड के खिलाफ लड़ाई में डीओपीटी के ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म (https://igot.gov.in) पर 1,44,736 से ज्यादा लोग अपना नामांकन करा चुके हैं, जिसका इस महीने की 8 तारीख को शुभारम्भ किया गया था और लगभग 96,268 लोग कोर्स को पूरा कर चुके हैं।

इस बात का उल्लेख करना जरूरी है कि सरकार के कोविड-19 राहत कार्यों में केन्द्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के सिविल सेवकों ने एक दिन के वेतन और सीएसआर अंशदान के तौर पर पीएम केयर्स फंड में अभी तक 4,227 करोड़ रुपये से ज्यादा का योगदान किया है।

सौजन्य से: pib.gov.in

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