Thursday, 5 December 2019

‘मेक इन इंडिया’ पहल को आगे बढ़ाने के लिए सीएसआईआर ने बीएचईएल के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

पहली संयुक्त परियोजना जल शुद्धिकरण/सीवर निस्तारिकरण संबंधी टेक्नोलॉजी पर होगी

वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) तथा बीएचईएल ने अनुप्रयोग मुखी अनुसंधान कार्यक्रमों के बारे में सहयोग करने और कार्यक्रमों को जारी रखने तथा व्यापक स्तर पर उसके वाणिज्यीकरण के बारे में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस तरह सीएसआईआर द्वारा विकसित स्वदेशी टेक्नोलॉजी का वाणिज्यीकरण किया जाएगा और मेक इन इंडिया पहल को सफल बनाने के लिए बीएचईएल तथा सीएसआईआर द्वारा इसे लागू किया जाएगा। इस सहयोग के अंतर्गत पहली परियोजना सीएसआईआर द्वारा विकसित जल शुद्धिकरण/सीवर निस्तारिकरण से संबंधित टेक्नोलॉजी का बीएचईएल द्वारा वाणिज्यीकरण किया जाएगा। यह समझौता पांच वर्षों के लिए किया गया है।

समझौता ज्ञापन पर वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग के सचिव तथा सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ. शेखर सी. मान्डे तथा बीएचईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. नलिन सिंघल ने हस्ताक्षर किए।

सीएसआईआर देश का प्रमुख अनुसंधान और विकास संगठन है और विश्व के अग्रणी वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान संगठनों में एक है। बीएचईएल भारत का सबसे बड़ा इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग उद्यम है। बीएचईएल बड़े इंजीनियरिंग खरीद, निर्माण अनुबंधों को लागू करता है और ऊर्जा उद्योग ट्रांसमिशन परिवहन नवीकरणीय, रक्षा और एयरोस्पेस, तेल और गैस, जल, ऊर्जा भंडारण और ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में विकसित टेक्नोलॉजी के वाणिज्यीकरण का कार्य करता है।

सौजन्य से: pib.gov.in

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