Monday, 16 November 2020

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने डिजिटल मीडिया में एफडीआई पर नीति का एक महीने में अनुपालन करने का अनुरोध किया

केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आज सरकारी अनुमोदन के तहत 26 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति देने वाले केन्‍द्र सरकार के 18 सितम्‍बर, 2019 के निर्णय का अनुपालन करने के लिए डिजिटल मीडिया के माध्‍यम से समाचारों और करंट अफेयर्स की अपलोडिंग/स्‍ट्रीमिंग में सलंग्‍न योग्‍य कंपनियों को सुविधा प्रदान करने के लिए एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है।

यह सार्वजनिक सूचना मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्‍ध है, जिसमें एक महीने में इस निर्णय का अनुपालन करने के लिए योग्‍य कंपनियों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई का विस्‍तृत उल्‍लेख किया गया है।

इस सार्वजनिक सूचना के तहत-

(1) 26 प्रतिशत से कम विदेशी निवेश वाली कंपनियों को आज से एक महीने के अंदर सूचना और प्रसारण मंत्रालय को निम्‍‍नलिखित जानकारी प्रस्‍तुत करनी है-

(ए) अपने निदेशकों/शेयरधारकों के नाम और पते के साथ कंपनी/संस्‍था के ‘शेयर होल्डिंग पैटर्न’ का विवरण,

(बी) प्रमोटरों/महत्वपूर्ण लाभार्थी/मालिकों का नाम और पता,

(ग) एफडीआई नीति, विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण संसाधन) विनियम, 2019 और विदेशी मुद्रा प्रबंधन (भुगतान की विधि और गैर-ऋण साधनों की रिपोर्ट) के तहत मूल्य निर्धारण, प्रलेखन और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं के अनुपालन के संबंध में पुष्टि के साथ-साथ विगत और मौजूदा विदेशी निवेश और डाउनस्ट्रीम निवेश यदि कोई हो, के समर्थन में प्रासंगिक रिपोर्टिंग फॉर्मों की संबंधित प्रतियां भी संलग्‍न की जाएं। और

(डी) स्थायी खाता संख्या और नवीनतम लेखा परीक्षण, गैर-लेख परीक्षण/आय और हानि विवरण तथा लेखा परीक्षक की रिपोर्ट के साथ बैलेंस शीट।

(2) ऐसी कंपनियां, जिनके पास वर्तमान में 26 प्रतिशत से अधिक विदेशी निवेश के साथ इक्वि‍टी ढांचा हैं, वे एक माह के अंदर सूचना और प्रसारण मंत्रालय को उपरोक्‍त (1) के अनुसार समान विवरण प्रस्‍तुत करेंगी और 15 अक्टूबर, 2021 तक विदेशी निवेश 26% तक कम करने के लिए आवश्‍यक कदम उठाएगी और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की मंजूरी लेंगी।

(3) देश में नया विदेशी निवेश लाने की इच्‍छुक किसी कंपनी (ए) को भारत सरकार की एफडीआई नीति और इस बारे में 2019 (दिनांक 18 सितम्बर 2019) के डीपीआईआईटी प्रेस नोट संख्‍या-4 (बी) 5 दिसंबर 2019 की अधिसूचना के तहत विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण साधन) (संशोधन) नियम, 2019 की जरूरतों के अनुसार डीपीआईआईटी के विदेशी निवेश सुविधा पोर्टल के माध्‍यम से केन्‍द्र सरकार की पूर्व अनुमति लेनी होगी। 

नोट: - निवेश का अर्थ है भारत में रहने वाले किसी व्यक्ति द्वारा जारी किसी प्रतिभूति या इकाई की खरीदारी, अधिग्रहण, धारण या हस्तांतरण।

(4) प्रत्येक कंपनी को निदेशक मंडल और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (जो भी नाम कहा जाए) की नागरिकता की आवश्यकताओं का अनुपालन करना होगा। कंपनियों में एक साल में 60 दिन से अधिक के लिए नियुक्ति, अनुबंध या परामर्श या कंपनी के कामकाज के लिए किसी अन्‍य क्षमता के तरीके द्वारा तैनात किए जाने वाले विदेशी कर्मियों के बारे में उनकी तैनाती से पूर्व सुरक्षा मंजूरी लिए जाने की आवश्‍यकता है। इस उद्देश्‍य के लिए कंपनियों को कम से कम 60 दिन पहले सूचना और प्रसारण मंत्रालय में आवेदन करना होगा और प्रस्तावित विदेशी कर्मियों की कंपनी द्वारा तैनाती इस मंत्रालय की पूर्व स्वीकृति के बाद ही की जा सकेगी।

सार्वजनिक सूचना को नीचे दिए गए लिंक पर जाकर देखा जा सकता है-


सौजन्य से: pib.gov.in

No comments:

Extension of Emergency Credit Line Guarantee Scheme through ECLGS 2.0 for the 26 sectors identified by the Kamath Committee and the healthcare sector

Extension of the duration of Emergency Credit Line Guarantee Scheme (ECLGS) 1.0 The Government has extended Emergency Credit Line Guarantee ...