Thursday, 13 August 2020

India conducts a record high of more than 8.3 lakh tests in a single day

More than 2.68 crore samples tested as on today

Tests Per Million (TPM) jumps to 19,453

Crossing the 8 lakh/day milestone of tests in a single day, India has registered a record high of 8,30,391 tests conducted in the last 24 hours in India. In pursuance of the “Test, Track and Treat” strategy, India is geared up to reach the testing capacity of 10 lakh tests per day.

The strong resolve and determination of Union and State/UT Governments to follow aggressive testing as the first important step in the early detection and isolation of COVID-19 positive cases has resulted in India rapidly increasing the number of tests done per day. The week-wise average daily tests conducted saw a sharp increase from around 2.3 lakh in the first week of July 2020 to more than 6.3 lakh in the current week.

With a record high more than 8 lakh tests done in the last 24 hours, the cumulative testing as on date has jumped to 2,68,45,688 crore. The Tests Per Million has seen a sharp increase to 19453.

A strong determinant of this milestone has been the sustained expansion of testing labs across the country. From merely one lab in January 2020, the country is today enriched by 1433 labs with 947 in the government sector and 486 private labs. This is a testimony to the coordinated efforts of the Centre and the State/UT governments.

The different types of labs include:

• Real-Time RT PCR based testing labs: 733 (Govt: 434 + Private: 299)

• TrueNat based testing labs: 583 (Govt: 480 + Private: 103)

• CBNAAT based testing labs: 117 (Govt: 33 + Private: 84)

For all authentic & updated information on COVID-19 related technical issues, guidelines & advisories please regularly visit: https://www.mohfw.gov.in/ and @MoHFW_INDIA.

Technical queries related to COVID-19 may be sent to technicalquery.covid19@gov.in and other queries on ncov2019@gov.in and @CovidIndiaSeva .

In case of any queries on COVID-19, please call at the Ministry of Health & Family Welfare helpline no.: +91-11-23978046 or 1075 (Toll-free). List of helpline numbers of States/UTs on COVID-19 is also available at https://www.mohfw.gov.in/pdf/coronvavirushelplinenumber.pdf .

Courtesy: pib.gov.in

India conducts a record high of more than 8.3 lakh tests in a single day

More than 2.68 crore samples tested as on today

Tests Per Million (TPM) jumps to 19,453

Crossing the 8 lakh/day milestone of tests in a single day, India has registered a record high of 8,30,391 tests conducted in the last 24 hours in India. In pursuance of the “Test, Track and Treat” strategy, India is geared up to reach the testing capacity of 10 lakh tests per day.

The strong resolve and determination of Union and State/UT Governments to follow aggressive testing as the first important step in the early detection and isolation of COVID-19 positive cases has resulted in India rapidly increasing the number of tests done per day. The week-wise average daily tests conducted saw a sharp increase from around 2.3 lakh in the first week of July 2020 to more than 6.3 lakh in the current week.

With a record high more than 8 lakh tests done in the last 24 hours, the cumulative testing as on date has jumped to 2,68,45,688 crore. The Tests Per Million has seen a sharp increase to 19453.

A strong determinant of this milestone has been the sustained expansion of testing labs across the country. From merely one lab in January 2020, the country is today enriched by 1433 labs with 947 in the government sector and 486 private labs. This is a testimony to the coordinated efforts of the Centre and the State/UT governments.

The different types of labs include:

• Real-Time RT PCR based testing labs: 733 (Govt: 434 + Private: 299)

• TrueNat based testing labs: 583 (Govt: 480 + Private: 103)

• CBNAAT based testing labs: 117 (Govt: 33 + Private: 84)

For all authentic & updated information on COVID-19 related technical issues, guidelines & advisories please regularly visit: https://www.mohfw.gov.in/ and @MoHFW_INDIA.

Technical queries related to COVID-19 may be sent to technicalquery.covid19@gov.in and other queries on ncov2019@gov.in and @CovidIndiaSeva .

In case of any queries on COVID-19, please call at the Ministry of Health & Family Welfare helpline no.: +91-11-23978046 or 1075 (Toll-free). List of helpline numbers of States/UTs on COVID-19 is also available at https://www.mohfw.gov.in/pdf/coronvavirushelplinenumber.pdf .

Courtesy: pib.gov.in

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने ‘पारदर्शी कराधान - ईमानदार का सम्मान’ (Transparent Taxation - Honoring the Honest) प्लेटफॉर्म का लॉन्च न्यू इंडिया के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया

“ईमानदार करदाता भारत के विकास और समृद्धि की रीढ़ हैं, इनको सशक्त बनाने और उन्हें सम्मान देने के लिए मोदी सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं”

”यह प्लेटफॉर्म प्रधानमंत्री मोदी के ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के संकल्प की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है”

“’पारदर्शी कराधान - ईमानदार का सम्मान प्लेटफॉर्म’ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा हमारे करदाताओं के लिए एक उपहार है”

“फ़ेसलेस असेसमेंट, फ़ेसलेस अपील और टैक्सपेयर्स चार्टर जैसे सुधारों से यह प्लेटफॉर्म हमारी कर प्रणाली को और सुदृढ़ करेगा”

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने ‘पारदर्शी कराधान - ईमानदार का सम्मान’ (Transparent Taxation - Honoring the Honest) प्लेटफॉर्म को न्यू इंडिया के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। अपने ट्वीट में श्री अमित शाह ने कहा कि “’पारदर्शी कराधान - ईमानदार का सम्मान’ प्लेटफॉर्म का लॉन्च प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा हमारे करदाताओं के लिए एक उपहार है। फ़ेसलेस असेसमेंट (Faceless Assessment), फ़ेसलेस अपील (Faceless Appeal) और टैक्सपेयर्स चार्टर (Taxpayers Charter) जैसे सुधारों से यह प्लेटफॉर्म हमारी कर प्रणाली को और सुदृढ़ करेगा”

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि “ईमानदार करदाता भारत के विकास और समृद्धि की रीढ़ हैं, इनको सशक्त बनाने और उन्हें सम्मान देने के लिए मोदी सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। यह प्लेटफॉर्म प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के संकल्प की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है’।

सौजन्य से: pib.gov.in

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने‘पारदर्शी कराधान-ईमानदार का सम्‍मान’ पोर्टल का शुभारंभ किया

नई व्‍यवस्‍था के तहत कर प्रणाली को सुगम, सरल और फेसलेस बनाना है : प्रधानमंत्री

एक अरब 30 करोड़ की आबादी वाले देश में केवल डेढ़ करोड़ आयकर दाता हैं, जोकि काफी कम है : प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री ने लोगों से आत्‍मावलोकन करने और आयकर चुकाने के लिए आगे आकर आत्‍मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान करने के लिए कहा

टैक्‍स चार्टर की शुरूआत के साथ करदाताओं को निष्‍पक्ष विनम्र और तर्कसंगत व्‍यवहार का आश्‍वासन दिया जाता है : प्रधानमंत्री

दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर 25 सितंबर से पूरे देश में फेसलेस आवेदन की सुविधा उपलब्ध होगी : प्रधानमंत्री

बैंकिंग सुविधाओं से वंचित लोगों को ये सुविधाएं दिलाने, असुरक्षित लोगों को सुरक्षित बनाने, निधि से वंचित लोगों को निधि उपलब्‍ध कराने तथा ईमानदार को सम्‍मान देने पर सरकार पूरा ध्‍यान देगी: प्रधानमंत्री

प्रत्‍येक कानून और नीति को सत्‍ता केन्द्रित बनाने की बजाय जन केन्द्रित और जन-अनुकूल बनाने पर जोर : प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से “पारदर्शी कराधान - ईमानदार का सम्मान” नाम से एक मंच का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश में संगठनात्‍मक सुधारों की प्रक्रिया आज नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई है। 21वीं सदी की कराधान प्रणाली की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए “पारदर्शी कराधान – ईमानदार सम्मान” मंच शुरू किया गया है। उन्होंने विस्तार से बताया कि इस मंच में फेसलेस असेसमेंट, फेसलेस अपील और करदाता चार्टर जैसे प्रमुख सुधारों को समाहित किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि फेसलेस असेसमेंट और करदाता चार्टर आज से लागू हो गया है, जबकि दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर से देश भर के नागरिकों के लिए फेसलेस अपील की सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी। नये मंच का उद्देश्य इसे फेसलेस बनाने के अलावा करदाताओं का विश्वास बढ़ाना और उन्‍हें निडर बनाना भी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले छह वर्षों में सरकार का ध्यान “बैंकिंग द अनबैंक्ड, सिक्योरिंग द अनसिक्योर्ड एंड फंडिंग द अनफंडेड” पर रहा है। “ऑनरिंग द ऑनेस्ट” का मंच भी इसी दिशा में एक कदम है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में ईमानदार करदाताओं की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे करदाताओं का जीवन आसान बनाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्‍होंने कहा "जब देश के एक ईमानदार करदाता का जीवन आसान हो जाता है, वह आगे बढ़ता है और प्रगति करता है, उसकी प्रगति से देश का भी विकास होता है और वह भी आगे बढ़ता है।’ 

श्री मोदी ने कहा कि आज शुरू की गई नई सुविधाएं ‘न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन’ प्रदान करने के सरकार के संकल्प का ही एक हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि हर नियम, हर कानून और हर नीति सत्‍ता केन्द्रित होने की बजाए लोक केन्द्रित बनाई गई है। नए शासन के मॉडल के अच्‍छे परिणाम दिख रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसा वातावरण बनाया जा रहा है जहां सभी कार्यों के निष्‍पादन में कर्तव्य को प्रधानता दी जा रही है। यह सजा के डर के कारण नहीं बल्कि समग्र दृष्टिकोण की समझ के कारण है जिसे अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू किए जा रहे सुधार टुकड़े-टुकड़े में नहीं हैं, बल्कि वे समग्र दृष्टिकोण के साथ परिणाम देने के उद्देश्य से हैं।

श्री मोदी ने कहा कि देश की कर संरचना में मूलभूत सुधारों की आवश्यकता थी क्योंकि पूर्व मे बनाई गई कर संरचना पहले से विकसित थी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद के समय में हुए कई बदलावों से भी उसके मौलिक रूप में कोई बदलाव नहीं आया। उन्‍होंने कहा कि पहले की कर प्रणाली की जटिलताओं ने इसे नया रूप देना मुश्किल बना दिया था।

उन्होंने कहा कि सरल कानून और प्रक्रियाओं का अनुपालन आसान होता है। ऐसा ही एक उदाहरण जीएसटी है, उन्होंने कहा, जिसने दर्जनों करों का स्‍थान लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नवीनतम कानूनों ने कर प्रणाली में कानूनी बोझ को कम कर दिया है। अब उच्च न्यायालय में कराधान से जुड़े मामलों को दायर करने की सीमा 1 करोड़ रुपये और उच्चतम न्यायालय में दाखिल करने के लिए 2 करोड़ रुपये तक निर्धारित की गई है। 'विवाह से विश्वास' योजना जैसी पहल ने अधिकांश मामलों को अदालत से बाहर निपटाने का मार्ग प्रशस्त किया।

श्री मोदी ने कहा कि कर स्‍लैब को भी मौजूदा सुधारों के एक हिस्से के रूप में युक्तिसंगत बनाया गया है। जहां 5 लाख रुपये तक की आय पर शून्य कर देय है, जबकि शेष स्लैब में भी कर की दर कम हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे कम कॉर्पोरेट टैक्स वाले देशों में से एक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा कर सुधारों का लक्ष्य कर व्‍यवस्‍था को निर्बाध, बिना रुकावट, वाला और फेसलेस बनाना है। उन्होंने कहा कि आसान कर प्रणाली करदाता की समस्याओं को उलझाने के बजाय उसे सुलझाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी से लेकर नियमों तक सब कुछ सरल और आसान होना चाहिए। उन्होंने फेसलेस प्रणाली का उल्लेख करते हुए कहा कि छानबीन, नोटिस, सर्वेक्षण या मूल्यांकन के सभी मामलों में करदाता और आयकर अधिकारी के बीच सीधे संपर्क की आवश्यकता नहीं है।

करदाता चार्टर का उल्‍लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण कदम है जहां करदाता को अब उचित, विनम्र और तर्कसंगत व्यवहार का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि चार्टर करदाता की गरिमा और संवेदनशीलता को बनाए रखने का भी ध्यान रखता है और यह इस भरोसे पर आधारित है कि बिना आधार के करदाता पर संदेह नहीं किया जा सकता है।

वर्ष 2012-13 में 0.94 प्रतिशत से 2018-19 में 0.26 प्रतिशत तक पिछले 6 वर्षों में स्क्रूटनी (जांच) मामलों में आई चार गुना कमी का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह स्वयं सरकार के भरोसे का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि पिछले 6 वर्षों में, भारत ने कर प्रशासन में शासन का एक नया मॉडल विकसित किया है। इन सभी प्रयासों के बीच, उन्होंने कहा कि पिछले 6-7 वर्षों में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में लगभग 2.5 करोड़ की वृद्धि हुई है।

हांलाकि प्रधानमंत्री ने साथ ही यह भी कहा कि एक करोड़ 30 लाख की आबादी वाले देश के केवल डेढ़ करोड़ लोग ही आयकर देते हैं जो कि बहुत कम है। उन्‍होंने लोगों से आत्‍मावलोकन कर आयकर दाखिल करने के लिए आगे आने और राष्‍ट्रनिर्माण में योगदान करने की अपील की। उन्‍होंने कहा कि यह आत्‍मनिर्भर भारत के निर्माण में मदद करेगा।

सौजन्य से: pib.gov.in

Union Home Minister Shri Amit Shah said ‘Launch of ‘Transparent Taxation - Honoring the Honest’ platform is an important step for New India

“Modi govt has taken several landmark decisions to empower and honor the honest taxpayers who are the backbone of India’s progress and development”

“‘Transparent Taxation Platform’” is another step toward PM Modi’s resolve of ‘Minimum Government, Maximum Governance’

“Launch of ‘Transparent Taxation - Honoring the Honest’ is a gift to our taxpayers by PM Narendra Modi and FM Nirmala Sitharaman”

“Reforms like faceless assessment, faceless appeal & taxpayers charter will further strengthen our taxation system.”

Union Home Minister Shri Amit Shah said “Launch of ‘Transparent Taxation - Honoring the Honest’ platform is an important step for New India”. Union Home Minister Shri Amit Shah through his tweets said “Launch of ‘Transparent Taxation - Honoring the Honest’ is a gift to our taxpayers by Prime Minister Shri Narendra Modi and Finance Minister Smt. Nirmala Sitharaman”. Shri Amit Shah mentioned that “With reforms like faceless assessment, faceless appeal and taxpayers charter, this platform will further strengthen our taxation system”.

Union Home Minister also added that “Modi government has taken several landmark decisions to empower and honor the honest taxpayers who are the backbone of India’s progress and development. This platform is another step toward Prime Minister Shri Narendra Modi ji's resolve of 'Minimum Government, Maximum Governance”.

Courtesy: pib.gov.in

भारत में एक दिन में सबसे ज्यादा 56,383 रोगी ठीक हुए

ठीक हुए रोगियों की कुल संख्या लगभग 17 लाख हुई

मामला मृत्युदर में लगातार कमी आ रही है और यह 1.96 प्रतिशत हो गई

भारत ने एक ही दिन में 56,383 रोगी ठीक होने से एक नए शिखर को छू लिया है। इससे आज कोविड-19 रोगियों के ठीक होने की संख्या लगभग 17 लाख (16,95,982) हो गई है।

केंद्र और राज्य / केन्द्र शासित प्रदेशों की सरकारों के ठोस, केन्द्रित और सहयोगात्मक प्रयासों के साथ-साथ लाखों फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की सहायता से होम आइसोलेशन के पर्यवेक्षण, केन्द्र द्वारा सलाह दिए गए देखभाल के मानकों के माध्यम से गंभीर रोगियों के प्रभावी नैदानिक प्रबंधन सहित अनेक उपायों के द्वारा आक्रामक परीक्षण, व्यापक ट्रैकिंग और कुशल उपचार को सफलतापूर्वक लागू करना सुनिश्चित हुआ। इससे ठीक होने वाले रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई और रोगियों के ठीक होने की दर 70 प्रतिशत (आज 70.77 प्रतिशत) को पार कर गई है, जबकि कोविड रोगियों की मामला मृत्यु दर घटकर 1.96 प्रतिशत तक आ गई और इसमें लगातार गिरावट आ रही है।

रिकॉर्ड संख्या में रोगियों के ठीक होने से यह सुनिश्चित हुआ है कि देश में सक्रिय रोगियों के मामले कम हुए हैं वर्तमान में कुल पॉजिटिव मामले केवल 27.27 प्रतिशत हैं। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या सक्रिय मामलों (6,53,622) की तुलना में 10 लाख से अधिक हैं।

कोविड-19 से संबंधित तकनीकी मुद्दों, दिशा-निर्देशों एवं परामर्शों पर सभी प्रामाणिक और अद्यतन जानकारी के लिए कृपया नियमित रूप से https://www.mohfw.gov.in/ और @MoHFW_INDIA देखें।

कोविड-19 से संबंधित तकनीकी सवाल technicalquery.covid19@gov.in और अन्य सवाल ncov2019@gov.in एवं @CovidIndiaSeva पर भेजे जा सकते हैं।

कोविड-19 को लेकर यदि कोई सवाल हो तो स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर: + 91-11-23978046 या 1075 (टोल-फ्री) पर कॉल करें। राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के हेल्पलाइन नंबरों की सूची भी https://www.mohfw.gov.in/pdf/coronvavirushelplinenumber.pdf पर उपलब्ध है।

सौजन्य से: pib.gov.in

India ranks first in number of organic farmers and ninth in terms of area under organic farming; Major organic exports from India are flax seeds, sesame, soybean, tea, medicinal plants, rice and pulses

Organic e-commerce platform being strengthened for directly linking farmers with retail and bulk buyers

Organic Food for Health and Nutrition #Atma Nirbhar Krishi

The growth story of organic farming is unfolding with increasing demand not only in India but also globally. In a world battered by the COVID pandemic, the demand for healthy and safe food is already showing an upward trend and hence this is an opportune moment to be captured for a win-win situation for our farmers, consumers and the environment.

India ranks first in number of organic farmers and ninth in terms of area under organic farming. Sikkim became the first State in the world to become fully organic and other States including Tripura and Uttarakhand have set similar targets. North East India has traditionally been organic and the consumption of chemicals is far less than rest of the country. Similarly the tribal and island territories are being nurtured to continue their organic story.

With the aim of assisting farmers to adopt organic farming and improve remunerations due to premium prices, two dedicated programs namely Mission Organic Value Chain Development for North East Region (MOVCD) and Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY) were launched in 2015 to encourage chemical free farming. With the simultaneous thrust given by the Agri-export Policy 2018, India can emerge as a major player in global organic markets. The major organic exports from India have been flax seeds, sesame, soybean, tea, medicinal plants, rice and pulses, which were instrumental in driving an increase of nearly 50% in organic exports in 2018-19, touching Rs 5151 crore. Modest commencement of exports from Assam, Mizoram, Manipur and Nagaland to UK, USA, Swaziland and Italy have proved the potential by increasing volumes and expanding to new destinations as the demand for health foods increases.

Certification is an important element of organic produce to instill customer confidence. Both PKVY and MOVCD are promoting certification under Participatory Guarantee System (PGS) and National Program for Organic Production (NPOP) respectively targeting domestic and exports markets. The Food Safety and Standards (Organic Foods) Regulations, 2017 are based on the standards of NPOP and PGS. The consumer should look for the logos of FSSAI, Jaivik Bharat / PGS Organic India on the produce to establish the organic authenticity of the produce. PGS Green is given to chemical free produce under transition to ‘organic’ which takes 3 years.

About 40,000 clusters are being assisted under PKVY covering an area of about 7 lakh ha. MOVCD has brought in its fold 160 FPOs cultivating about 80,000 ha. For these clusters to become sustainable, it is important that henceforth market led production starts in a contract farming mode, so that there is a ready market for the produce and industry also gets the desired quality and quantity when required. This is being pursued in right earnest with bulk buyers including the phtyo extracts industries. The commodities with highest potential include ginger, turmeric, black rice, spices, nutri cereals, pineapples, medicinal plants, buckwheat, bamboo shoots, etc. Supplies have started from NER including for Mother Dairy from Meghalaya, Revanta Foods and Big Basket from Manipur. Number of instances of farmer groups setting up markets in RWAs and selling directly is increasingly becoming common especially in Maharashtra and Karnataka where fresh organic produce is lapped up by the urbanites and farmers get a better bargain with no intermediaries. The presence of aggregators is imperative to bring about economies of scale for the small and marginal farmers. Hence the concept of market led One district - One product is being encouraged, as also development of more clusters in the vicinity of bigger towns where the appetite for organics will be much more.

When the pandemic struck India, access to quality food was as high on priority for the country as much as health. Advisories to States on supporting direct marketing in order to decongest mandis led to number of States issuing orders and amending legislations, thereby opening up market options to farmers. Working within the constraints posed due to disruption in logistics, access to regular markets, decrease in demand, number of States and clusters innovated and converted this crisis into an opportunity. The Green Caravan of Kohima created market linkages from all villages of Nagaland to urban areas for vegetables, handicrafts and handlooms (www.instamojo.com). There was online sale of fruits and vegetables by FPOs in Maharashtra and doorstep delivery in specially designed electric vans in Punjab. Manipur Organic Agency (MoMA) mobilised all the 15 FPCs of MOVCD to collect produce and transport to two organic wholesale centers at Sanjenthong and Chingmeriong in Imphal for onward delivery to consumers.

The organic e-commerce platform www.jaivikkheti.in is being strengthened for directly linking farmers with retail as well as bulk buyers. Infusion of digital technology in a much bigger way has been a major takeaway during the pandemic period and is a welcome norm here to stay, saving in expenses on travel, logistics, etc while not compromising in any way on the quality of information sharing. In fact, video conferencing and webinars makes possible outreach with many more in the field, with minimum disruption in their works too and which was not possible in physical meetings. The NER States also participated in a webinar on Integrated Organic Farming models developed by ICAR, for increasing productivity, integrated nutrient and pest management and hence increase in farmers’ income. Video conferences are being held to understand the issues being faced by companies and strengthen the conversations with States and Regional Councils responsible for handholding clusters and in the process new partnerships are being forged for direct procurement from the farmers/farmer groups. 

Natural farming is not a new concept in India, with farmers having tilled their land without the use of chemicals - largely relying on organic residues, cow dung, composts, etc since time immemorial. The philosophy underlying organic farming of integration of the elements – soil, water, microbes and ‘waste’ products, forestry and agriculture is the correct recipe for sustainable use of natural resources, which are coming under severe stress due to ever increasing requirement of food and feedstock for agri based industry. This is also in sync with the Sustainable Development Goal 2 targeting ‘end hunger, achieve food security and improved nutrition and promote sustainable agriculture’.

Hence with greater awareness and capacity building of the producers on compliance with international standards, Indian organic farmers will soon be reinforcing their rightful place in global agri trade.

Courtesy: pib.gov.in

India conducts a record high of more than 8.3 lakh tests in a single day

More than 2.68 crore samples tested as on today Tests Per Million (TPM) jumps to 19,453 Crossing the 8 lakh/day milestone of tests...