Tuesday, 3 November 2020

प्रधानमंत्री 5 नवंबर को वर्चुअल ग्लोबल इन्वेस्टर राउंडटेबल की अध्यक्षता करेंगे

पेंशन एवं सॉवरेन वेल्थ फंड से जुड़ी दुनियाभर की शीर्ष निवेशक कंपनियां इस गोलमेज सम्मेलन में हिस्सा लेंगी

यह कार्यक्रम भारत में अंतरराष्ट्रीय निवेश के विकास में और अधिक तेजी लाने के बारे में विचार–विमर्श करने का अवसर प्रदान करेगा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 5 नवंबर, 2020 को वर्चुअल ग्लोबल इन्वेस्टर राउंडटेबल (वीजीआईआर) की अध्यक्षता करेंगे। इस वीजीआईआर का आयोजन वित्त मंत्रालय, भारत सरकार तथा राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) द्वारा किया जा रहा है। यह अग्रणी वैश्विक संस्थागत निवेशकों, भारतीय व्यापार जगत के प्रमुखों और भारत सरकार तथा वित्तीय बाजार नियामकों के शीर्ष नीति-निर्माताओं के बीच एक विशेष संवाद है। केंद्रीय वित्त मंत्री, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री, भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

इस राउंडटेबल में दुनिया की बीस सबसे बड़ी पेंशन एवं सॉवरेन वेल्थ फंड से जुड़ी कंपनियां हिस्सा लेंगी, जिनकी कुल परिसंपत्तियां लगभग 6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है। ये वैश्विक संस्थागत निवेशक अमेरिका, यूरोप, कनाडा, कोरिया, जापान, मध्य पूर्व, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर सहित दुनिया के प्रमुख क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह कार्यक्रम इन निधियों के प्रमुख नीति निर्माताओं, यानि सीईओ एवं सीआईओ, की भागीदारी का साक्षी होगा। इनमें से कुछ निवेशक पहली बार भारत सरकार के साथ संवाद करेंगे। इस राउंडटेबल में वैश्विक निवेशकों के अलावा भारतीय व्यापार जगत की कई शीर्ष हस्तियां भाग लेंगी।

वीजीआईआर 2020 भारत के आर्थिक और निवेश के दृष्टिकोण, संरचनात्मक सुधारों और 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर वाली अर्थव्यवस्था के निर्माण की राह के बारे में सरकार के दृष्टिकोण पर चर्चा करेगा। यह आयोजन भारत में अंतरराष्ट्रीय निवेश के विकास में और तेजी लाने के लिए वैश्विक निवेशकों और भारतीय व्यापार जगत के प्रमुखों को वरिष्ठ नीति-निर्माताओं के साथ जुड़ने और विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान करेगा। इस वित्तीय वर्ष में भारत में विदेशी निवेश किसी भी वित्तीय वर्ष के पहले पांच महीनों में अबतक का सबसे अधिक है। वीजीआईआर 2020 सभी हितधारकों को अपनी आपसी साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने तथा उन अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों के साथ जुड़ाव को बढ़ावा देने का एक अवसर भी प्रदान करेगा, जो अपने भारतीय निवेश में बढ़ोतरी करने को उत्सुक हैं।

सौजन्य से: pib.gov.in

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