Friday, 23 October 2020

भारत ने 35 वर्षों बाद अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के शाषी निकाय की अध्यक्षता ग्रहण की

भारत और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन-आईएलओ के बीच 100 वर्षों के उपयोगी संबंधों के एक नए अध्याय को चिह्नित करते हुए, भारत ने 35 वर्षों बाद अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के शाषी निकाय की अध्यक्षता ग्रहण की है। श्रम और रोजगार सचिव श्री अपूर्व चंद्रा को अक्टूबर 2020 से जून 2021 तक की अवधि के लिए अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन-आईएलओ के शाषी निकाय के अध्यक्ष के रूप में चुना गया है। आईएलओ के शाषी निकाय काअध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय स्तर का जाना माना पद है।

शाषी निकाय (जीबी) आईएलओ का शीर्ष कार्यकारी निकाय है जो नीतियों, कार्यक्रमों, एजेंडे, बजट का निर्धारण करता है और महानिदेशक का चुनाव का कार्य भी करता है। वर्तमान समय में आईएलओ के 187 सदस्य हैं। श्री अपूर्व चन्द्रा नवंबर 2020 में होने वाली शाषी निकाय की आगामी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। जिनेवा में, उनके पास सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारियों और सामाजिक भागीदारों के साथ बातचीत करने का अवसर होगा। यह संगठित या असंगठित क्षेत्र में सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के सार्वभौमिकरण के बारे में मंशा स्पष्ट करने के अलावा श्रम बाजार की कठोरता को दूर करने के लिए सरकार द्वारा की गई परिवर्तनकारी पहलों के प्रतिभागियों को भी एक मंच प्रदान करेगा। 

श्री अपूर्व चंद्रा 1988 बैच के महाराष्ट्र कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं। श्री चंद्रा ने भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में सात साल से अधिक समय व्यतीत किया है। श्री चंद्रा ने महाराष्ट्र सरकार में प्रधान सचिव (उद्योग) के रूप में 2013 से 2017 के बीच चार वर्षों तक काम किया है। श्री अपूर्व चंद्रा रक्षा मंत्रालय में महानिदेशक (अधिग्रहण) के रूप में 01.12.2017 को शामिल हुए थे। उन्होने अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाकर भारतीय सशस्त्र बलों को मजबूत करने के लिये कार्य किया था। उन्होंने नई रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया का मसौदा तैयार करने के लिए समिति की अध्यक्षता की। 1 अक्टूबर 2020 से रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 प्रभावी हो गई है और इसी दिन उन्होने श्रम और रोज़गार मंत्रालय के सचिव के रूप में पद भार संभाला है।

सौजन्य से: pib.gov.in

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