Wednesday, 28 October 2020

प्रधानमंत्री 31 अक्टूबर को गुजरात के केवड़िया में आयोजित होने वाले एकता दिवस समारोह में भाग लेंगे

इस मौके पर वह लोगों को एकता की शपथ दिलवाएंगे और एकता दिवस परेड में भी शामिल होंगे

नरेन्द्र मोदी भारतीय सिविल सेवा के उन प्रशिक्षु अधिकारियों से भी मिलेंगे, जो दूसरे इंटीग्रेटेड फाउंडेशन पाठ्यक्रम “आरंभ” में शामिल हैं

प्रधानमंत्री 30 और 31 अक्टूबर को केवड़िया के समेकित विकास के लिए विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी “लौह पुरुष” सरदार वल्लभ भाई पटेल की 145वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एकता समारोह में 31 अक्टूबर 2020 को गुजरात के केवड़िया में भाग लेंगे। श्री नरेन्द्र मोदी इस अवसर पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। साथ ही लोगों को एकता दिवस की शपथ दिलाएंगे। इस मौके पर आयोजित एकता दिवस परेड में भी प्रधानमंत्री शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री भारतीय सिविल सेवा के एलबीएसएनएए, मंसूरी स्थित प्रशिक्षुओं को भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करेंगे। उनका संबोधन इंटीग्रेटेड फाउंडेशन कोर्स का हिस्सा है। जो कि पहली बार 2019 में लांच किया गया था।

केवडिया के समेकित विकास कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 30 और 31 अक्टूबर 2020 को विभिन्न परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे।

इन परियोजनाओं के तहत स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए एकता क्रूज सेवा, एकता मॉल और बच्चों के लिए पोषक पार्क का भी प्रधानमंत्री उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा यूनिटी ग्लो गार्डन में श्री नरेन्द्र मोदी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की वेबसाइट को भी लॉन्च करेंगे। जो कि संयुक्त राष्ट्र संघ की सभी आधिकारिक भाषाओं में उपलब्ध होगी। साथ ही वह केवड़िया ऐप को भी लांच करेंगे।

प्रधानमंत्री केवड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से अहमदाबाद स्थित साबरमती रिवरफ्रंट के लिए सी-प्लेन सेवा की भी शुरुआत करेंगे।

एकता क्रूज सेवा

एकता क्रूज सेवा के माध्यम से पर्यटक फेरी बोट सर्विस के जरिए श्रेष्ठ भारत भवन से लेकर स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की छह किलोमीटर की दूरी तय कर सकेंगे। साथ ही स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के खूबसूरत नजारे का भी लुत्फ उठा सकेंगे। इस यात्रा को 40 मिनट में तय किया जाएगा। जिसमें एक नाव पर अधिकतम 200 यात्री सफर कर सकेंगे। फेरी सेवाओं के लिए नया गोरा पुल खास तौर से बनाया गया है। नाव सेवा को शुरू करने का उद्देश्य स्टैच्यू ऑफ यूनिटी आने वाले पर्यटकों को बोटिंग सेवाओं का अनुभव देना है।

एकता मॉल

एकता मॉल में भारत की मौजूद हस्तकलाओं और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। यहां पर पूरे देश से आए उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। जिसका उद्देश्य एकता का संदेश देना है। यह मॉल 35 हजार वर्गफुट में फैला हुआ है। मॉल में 20 एम्पोरियम हैं, जो प्रत्येक राज्य का प्रतिनिधत्व करते हैं। एकता मॉल को केवल 110 दिनों में निर्मित किया गया है।

बच्चों के लिए पोषक पार्क

यह दुनिया का पहला प्रौद्योगिकी आधारित बच्चों के लिए पोषक पार्क है। जो कि 35 हजार वर्गफुट में फैला हुआ है। पार्क में एक न्यूट्री ट्रेन भी चलाई जाएगी। जिसके स्टेशन के नाम भी काफी रोचक रखे गए हैं। जिनके फलशाखा गृहम, पायोनागिरी, अन्नपूर्णा, पोषण पुराण, स्वस्थ भारत नाम दिए गए हैं। पार्क का उद्देश्य विभिन्न गतिविधियों के जरिए पोषक भोजन के प्रति जागरूकता फैलाना है। पार्क में इसके लिए मिरर मेज, 5डी वर्चुअल रियल्टी थिएटर और अगुमेंटेंड रियल्टी गेम की भी व्यवस्था की गई है।

आरंभ 2020

आरंभ एक ऐसी पहल है जिसके जरिए सभी अखिल भारतीय सेवा, ग्रुप-ए केंद्रीय सेवाएं, विदेश सेवाओं के प्रशिक्षुओं को एक कॉमन फाउंडेशन पाठ्यक्रम (सीएफसी) के जरिए एक साथ लाया जाता है। इसका उद्देश्य परंपरागत रूप से विभागीय और सेवाओं स्तर पर बंटी आ रही सोच को खत्म करना है। जिससे कि अपने करियर को सिविल अधिकारी नई सोच के साथ शुरू कर सके। आरंभ का उद्देश्य सिविल अधिकारियों के अंदर विभिन्न विभागों और क्षेत्रों के साथ बिना किसी अड़चन के मिलकर काम करने की क्षमता विकसित करना है।

“आरंभ” की शुरुआत 2019 में 94वें फाउंडेशन कोर्स के तहत की गई थी। जिसमें गुजरात के केवड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में 20 विभिन्न सेवाओं के प्रशिक्षु अधिकारी एक सप्ताह के लंबे कार्यक्रम में भाग लेते हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक प्रस्तुति भी दी जाती है। साथ ही प्रधानमंत्री प्रशिक्षु अधिकारियों से सीधे संवाद भी करते हैं और उन्हें संबोधित भी करते हैं।

इस साल “आरंभ” का यह दूसरा संस्करण है। जो कि 14-31 अक्टूबर 2020 को एलबीएसएनएए में आयोजित किया जा रहा है। इसमें 18 सेवाओं और तीन भूटान की शाही सेवाओं के कुल 428 प्रशिक्षु भाग लेंगे। हालांकि महामारी को देखते हुए इस बार “आरंभ” 2020 वर्चुअल आयोजित किया जाएगा। जिसका उद्देश्य सांस्कृति विविधता में एकता की खासियत के जरिए भारत को प्रभावशाली बनाना है। साथ ही आर्थिक विविधता और उसका एकीकरण भारत की ताकत बन जाये। इसी तरह ऊर्जा, स्वास्थ्य, बड़े समारोह के लिए योग्य बनना, अनुसंधान, शिक्षा उद्योग, प्रशासन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।

सौजन्य से: pib.gov.in

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