Tuesday, 22 September 2020

प्रधानमंत्री कल कोविड की उच्च दर वाले 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड से निपटने के उपाय और प्रबंधन की स्थिति तथा तैयारी की समीक्षा करेंगे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोविड की उच्च दर वाले 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड से निपटने के उपाय और प्रबंधन की स्थिति तथा तैयारियों के बारे में कल 23 सितम्‍बर, 2020 को मुख्यमंत्रियों और स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करेंगे।

ये राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश हैं- महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश तथा पंजाब।

देश में कोविड के 63 प्रतिशत से भी अधिक सक्रिय मामले इन सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ही हैं। इसके अलावा कुल पुष्ट मामलों का 65 दशमलव 5 प्रतिशत और कुल मौतों का 77 प्रतिशत भी इन्हीं राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं। अन्य पांच राज्यों के साथ-साथ पंजाब और दिल्ली में हाल ही में कुल मामलों की संख्या में काफ़ी तेज़ वृद्धि दर्ज की गई है। महाराष्ट्र, पंजाब और दिल्ली में मृतकों की संख्या भी काफ़ी बढ़ी है, इन राज्यों में मृत्यु दर-सीएफआर 2.0 प्रतिशत से अधिक है, जो कि मृत्यु दर का उच्च औसत हैं। पंजाब और उत्तर प्रदेश के अलावा, उनकी सकारात्मकता दर राष्ट्रीय औसत 8.52 प्रतिशत से अधिक है।

केंद्र सरकार, देश में कोविड के खिलाफ लड़ाई में राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों की सरकारों के साथ प्रभावी सहयोग और समन्वय के साथ उनका नेतृत्व कर रही है। केंद्र सरकार उनकी स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए लगातार सहायता कर रही है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा एम्स नई दिल्ली के सहयोग से किए गए ई-आईसीयू टेली-परामर्श के माध्यम से आईसीयू का संचालन करने वाले डॉक्टरों की नैदानिक प्रबंधन क्षमताओं को काफी हद तक बेहतर किया गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ उच्च स्तर की समीक्षा ने अस्पतालों तथा कोविड स्वास्थ्य सुविधाओं में चिकित्सा ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की है। केंद्र, नियमित रूप से राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की सहायता करने और सकारात्मक मामलों के प्रबंधन, निगरानी, परीक्षण तथा कुशल नैदानिक प्रबंधन के लिए विभिन्न दलों की नियुक्ति कर रहा है। ये केंद्रीय दल स्थानीय अधिकारियों को समय पर निदान उपलब्ध कराने और आवश्यक कार्रवाई से संबंधित चुनौतियों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने के लिए मार्गदर्शन करते हैं।

सौजन्य से: pib.gov.in

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