Monday, 21 September 2020

प्रधानमंत्री ने बिहार में 14,000 करोड़ रुपए की लागत वाली 9 राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखी

इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर बिहार की प्रत्येक नदी पर पुल होगा

प्रधानमंत्री के पैकेज के तहत गंगा नदी पर पुलों की संख्या बढ़कर 17 हो जाएगी, जिनकी लेन क्षमता 62 होगी

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने राज्य में राजमार्गों और पुलों से जुड़ी परियोजनाओं के तेज़ी से पूर्ण किए जाने पर केंद्र की सराहना की, बक्सर-वाराणसी सीधे मार्ग की जताई आवश्यकता

प्रधानमंत्री ने बिहार में 9 राजमार्ग परियोजनाओं का आज शिलान्यास किया। उन्होंने बिहार के प्रत्येक गाँव को तेज़ रफ़्तार वाले इंटरनेट से जोड़ने के लिए ‘हर गाँव ऑप्टिकल फाइबर केबल’ योजना का भी शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इस वर्चुअल कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों श्री रवि शंकर प्रसाद और श्री गिरिराज सिंह, राज्यपाल श्री फागू सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी, केंद्रीय राज्य मंत्रियों श्री आर. के. सिंह, जनरल वीके सिंह (सेवा निवृत्त), श्री अश्विनी कुमार चौबे, श्री संजय धोत्रे सहित राज्य सरकार के मंत्रियों, अनेक सांसदों, विधायकों तथा केंद्र और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

इस अवसर पर अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार में आर्थिक गतिविधियों और बुनियादी ढांचा विकास को तेज़ करने के लिए आज विशेष दिन है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि वही देश प्रगति कर पाये हैं जिन्होंने बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर बड़ा निवेश किया है। आज पहले की तुलना में दोगुनी रफ्तार से राजमार्गों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बुनियादी ढांचा विकास का सबसे बड़ा लाभार्थी राज्य है। आज जिन परियोजनों की शुरुआत हो रही है उससे राज्य के सभी बड़े शहर जुड़ेंगे। श्री मोदी ने कहा कि बिहार में सड़कों के निर्माण की योजना बनाते समय नदियों पर पुल निर्माण को भी महत्व दिया गया है। इसके परिणाम स्वरूप बिहार में 17 पुलों का निर्माण चल रहा है। उन्होंने कहा कि देश में बहुस्तरीय परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगले 4-5 वर्षों में बुनियादी ढांचा विकास पर 110 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की है। इसमें से 19 लाख करोड़ रुपए राजमार्गों के विकास के लिए आवंटित किए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सड़क और संपर्क को बेहतर करने के लिए बुनियादी ढांचा को विस्तार दिए जाने की इन परियोजनाओं का लाभ बिहार को भी मिल रहा है। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री द्वारा घोषित किए गए पैकेज के तहत 3000 किलोमीटर राजमार्ग का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा भारतमाला परियोजना के अंतर्गत 6.5 किलोमीटर लंबे राजमार्ग का निर्माण कार्य जारी है। इस समय बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग का काम तेज़ी से किया जा रहा है। पूर्वी बिहार को पश्चिमी बिहार से जोड़ने के लिए चार लेन की 5 परियोजनाओं और उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने के लिए 6 परियोजनों पर कम चल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री के पैकेज के अतिरिक्त केंद्र सरकार, राज्य सरकार की बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं को भी मदद कर रहा है। उन्होंने बिहार के विकास के लिए प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बिहार में पुलों और राजमार्ग से जुड़ी परियोजनों पर तेज़ी से काम करने के लिए केंद्र की सराहना की। उन्होंने बक्सर-वाराणसी सीधे संपर्क मार्ग की आवश्यकता पर ध्यान दिये जाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने सुलभ परिवहन के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों की चौड़ाई में एकरूपता की आवश्यकता का उल्लेख किया। श्री नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार राज्य के प्रति व्यक्ति आया बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक उपाय कर रही है। सड़कों के रख रखाव के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि सड़कों और पुलों को भी लोक शिकायत प्रणाली के तहत लाया गया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्गों के दोनों ओर बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा।

क़ानून एवं न्याय तथा संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बिहार के लिए यह ऐतिहासिक दिन है क्योंकि एक साथ भौतिक और डिजिटल संपर्क को बेहतर करने के लिए दो परियोजनाओं का उदघाटन हो रहा है। श्री प्रसाद ने कहा कि इंटरनेट सेवाओं के लिए केंद्रीय दूरसंचार विभाग की हर गाँव डिजिटल ऑप्टिकल फाइबर केबल योजना का क्रियान्वयन विभाग के कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) द्वारा किया जाएगा। यह ग्रामीण क्षेत्रों में ई-सेवाएँ उपलब्ध कराने में अहम भूमिका अदा करेगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह (सेवा निवृत्त) ने कहा कि इन परियोजनाओं के तहत 350 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग का निर्माण शामिल है, जिसकी लागत लगभग 14258 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के बन जाने से राज्य के भीतर और आसपास के लिए बेहतर संपर्क, सुविधा और आर्थिक विकास का रास्ता साफ होगा। उन्होंने कहा कि इससे पड़ोसी राज्यों झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से आने और इन राज्यों में जाने वाले लोगों तथा समान ढुलाई की सुविधा में व्यापक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कों से समय और ईंधन की बचत होती है और प्रदूषण में कमी आती है। इन परियोजनाओं से सड़कों पर भीड़ कम होगी और कस्बों को शहरों तक आवागमन में बेहतर अनुभव होंगे।

उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि यह परियोजनाएं 4 वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री द्वारा घोषित की गई 1,25,000 करोड़ रुपये के पैकेज का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि गंगा नदी पर पुलों की संख्या अब बढ़कर 17 हो जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों का जीवन सुलभ बनाने के लिए बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर राज्य सरकार भी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय के संबंध में बिहार सबसे अच्छा उदाहरण है।

प्रधानमंत्री ने बिहार के बुनियादी ढांचागत विकास के लिए वर्ष 2015 में विशेष पैकेज की घोषणा की थी। इसके अंतर्गत 54,700 करोड़ रुपए की लागत से 75 परियोजनाओं पर काम होना था जिनमें से 13 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, 38 परियोजनाओं पर काम चल रहा है जबकि अन्य आवंटन या नीलामी की प्रक्रिया में हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर बिहार में सभी नदियों पर पुल होंगे और राज्य के बड़े राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया सम्पन्न हो जाएगी। प्रधानमंत्री के इस पैकेज के अंतर्गत गंगा नदी पर पुलों की संख्या 17 हो जाएगी जिनकी कुल क्षमता 62 लेन की होगी। इस तरह से एक औसत अनुमान के अनुसार राज्य में नदियों पर प्रति 25 किलोमीटर पर एक पुल होगा।

राजमार्ग से जुड़ी परियोजनाओं के अंतर्गत बख्तियारपुर-रजौली खंड पर राष्ट्रीय राजमार्ग 31 के 47.23 किलोमीटर लंबे खंड को चार लेन किया जाएगा, जिस पर 1149.55 करोड़ रुपए की लागत आएगी (पीकेजी-2), इसी खंड पर 50.89 किलोमीटर सड़क को चार लेन किए जाने पर 2650.76 करोड़ रुपए की लागत आने की संभावना है (पीकेजी-3), राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के आरा-परारिया खंड पर 55 किलोमीटर के चार लेन के जाने की परियोजना पर ईपीसी मोड से 885.41 करोड़ रुपए की लागत आएगी, राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर परारिया-मोहनिया खंड पर ही 60.80 किलोमीटर सड़क को चार लेन की जाने पर ईपीसी मोड से 855.93 करोड़ रुपए की लागत आएगी, नरेनपुर-पूर्णिया खंड पर राष्ट्रीय राजमार्ग 131ए, पर 49 किलोमीटर को चार लेन किए जाने पर एचएएम मोड से 2288 करोड़ रुपए की लागत आएगी, एनएच 131जी पर 39 किलोमीटर पटना रिंग रोड (कन्हौली-रामनगर) खंड को छह लेन किए जाने पर 913.15 करोड़ रुपए की लागत आएगी, पटना में गंगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु के समानांतर राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर 14.5 किलोमीटर चार लेन के पुल निर्माण पर 2926.42 करोड़ रुपये की लागत आएगी, कोसी नदी पर एनएच 106 पर 28.93 किलोमीटर लंबा चार लेन का नया पुल (2 लेन का पेव्ड शोल्डर भी होगी) ईपीसी मोड पर बनेगा, जिसमें 1478.40 करोड़ रुपये की लागत आएगी, और गंगा नदी पर राष्ट्रीय राजमार्ग 131बी पर विक्रमशिला सेतु के समानांतर 4.445 किलोमीटर लंबा 4 लेन का पुल बनेगा जिस पर 1110.23 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

सौजन्य से: pib.gov.in

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